अनूपगढ़ एमजीबी शाखा के अस्थाई सहायक कर्मचारी काे जेल भेजा

एमजीबी शाखा अनूपगढ़ में रिश्वत लेने के आराेपी सहायक कर्मी राकेशकुमार काे गुरुवार काे सूरतगढ़ एडीजे काेर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आराेपी काे 7 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के अादेश दिए हैं। अस्थाई सहायक कर्मी राकेश कुमार काे एसीबी ने बुधवार काे 1500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।

आराेपी सहायक कर्मी 15 साल से बैंक में काम कर रहा है। राेचक यह है कि पीड़ित ने एसीबी काे शिकायत में बैंक मैनेजर द्वारा रिश्वत मांगना बताया। एसीबी की टीम गई भी इसी तैयारी के साथ थी। पकड़े जाने पर खुलासा हुआ कि राकेशकुमार संविदा पर सहायक कर्मी है। हालांकि अनूपगढ़ क्षेत्र के लाेग उसे बैंक प्रबंधक के रूप मेंं ही जानते थे। इसकेे तीन बड़े कारण थे। आराेपी अलग कैबिन में अधिकारियाें की भांति ही बैठता था। जबकि मैनेजर और दाे कलर्क काउंटर पर ग्राहकाें का काम निपटाते थे। एसीबी की श्रीगंगानगर चाैकी से डीवाईएसपी वेदप्रकाश लखाेटिया ने बताया कि दबिश के दाैरान जब टीम पहुंची ताे एमजीबी शाखा के मैनेजर अाैर दाे अन्य स्टाफ कर्मी काउंटर पर काम कर रहे थे। अाराेपी सहायक कर्मी उनके पीछे अलग टेबल कुर्सी पर अधिकारी की भांति बैठा मिला।

गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वह वह बैंक मैनेजर नहीं, बल्कि सहायक कर्मी है। करीब 15 साल से यहां कार्यरत है। यह पता चलने के बाद परिवादी 27 ए निवासी किसान मनप्रीतसिंह भी हैरान रह गया। आराेपी सहायक कर्मी राकेशकुमार केसीसी और अन्य लाेन की फाइलें खुद ही लेता था। वह अपने परिचित अरायजनवीस से लाेन की फाइल तैयार करवाता था। कार लेकर लाेन की फाइलाें के फील्ड सर्वे के लिए जाता था। इसलिए इलाके के लाेग उसे ही मैनेजर समझते थे। उसके साथ ऐसा ही शिष्टाचार रखते थे। आराेपी सर्वे करने के बाद मैनेजर काे जानकारी देता था।

मैनेजर उसके बताए काे ही सही मानकर उस सर्वे रिपाेर्ट पर हस्ताक्षर कर फाइल फाइनल करता था। ट्रेप की कार्रवाई के बाद छानबीन में पता चला कि आराेपी राकेशकुमार ने परिवादी 27 ए निवासी मनप्रीतसिंह उसके पिता देशराज और मां के नाम चक एक बीएनएम में 6 बीघा जमीन के असली दस्तावेज लेकर एक लाख 80 हजार रुपए का लाेन पास करवाया था। उक्त राशि करीब एक माह पूर्व परिवादी के खाताें में ट्रांसफर हुई थी। अब आराेपी राकेशकुमार फाइल तैयार करने में रखे असली दस्तावेज परिवादी काे लाैटाने में अानाकानी कर रहा था। उसने असली दस्तावेज अपने परिचित अरायजनवीस के पास रखे हुए थे।

एसीबी के टाेल फ्री नंबर 1064 या 0154-2473737 पर करें भ्रष्टाचार करने वालों की शिकायत
डीजीपी एसीबी बीएल साेनी, एडीजी दिनेश एमएन अाैर डीअाईजी डाॅ. विष्णुकांत ने बताया कि भ्रष्टाचार करने वालाें की शिकायत काेई भी व्यक्ति एसीबी के टाेल फ्री नंबर 1064 पर अथवा श्रीगंगानगर जिले के नागरिक चाैकी के 0154-2473737 टेलीफाेन नंबर पर कर सकते हैं। सरकार और एसीबी मुख्यालय से आदेश दिए जा चुके हैं कि रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़वाने के बाद परिवादी का काम नहीं हाे रहा ताे एसीबी की स्थानीय टीम काे सूचित करें। एसीबी टीम परिवादी का जायज काम बिना देरी के करवाकर देगी।



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