कस्बे सहित बड़ौदिया, सथूर, ठीकरदा, बड़ानयागांव के किसानों के पास खेती की जमीन कम होने से वे सब्जियों की पैदावार कर आजीविका चला रहे हैं, लेकिन इस बार सब्जियों की फसल में कीट प्रकोप होने से पैदावार प्रभावित हो रही है। इस बार बड़ौदिया, सथूर सहित आसपास के गांवों के किसानों ने जुलाई व अगस्त में बैंगन की पौध तैयार की थी।
जब बैंगन आने लगे तो कीट प्रकोप बढ़ने से कई प्रकार की कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के बावजूद पैदावार प्रभावित से उन्हें निराश होना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि फसल प्रभावित व पैदावार देरी से मिलने से मंडी में अग्रिम फसल में मिलने वाला मुनाफा उन्हें मिल मिलेगा। जहां सितंबर में बैंगन 20 रुपए किलो मंडी में बिक रहा था व भाव धीरे-धीरे गिरता हुआ है 5 व 10 रुपए किलो रह गए हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में बैंगन को मंडी में लेने वाला भी कोई नहीं मिल रहा है। ऐसे में कई किसानों ने निराश होकर बैंगन के पौधों की कटाई तक कर दी है।
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