राजकीय बाल संप्रेश्रण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को अब आवासितों ने खुलेआम चुनौती दी है। आवासितों ने 29 नवंबर को साथी के जन्मदिन पर शराब पार्टी की और उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल 22 मिनट 41 सैकंड के इस वीडियो में बाल संप्रेषण गृह के करीब 8-10 आवासित नाबालिग एक साथी के जन्मदिन की पार्टी करते नजर आ रहे हैं जिसमें वे शराब, सिगरेट, स्मैक आदि मादक पदार्थों का बेखौफ उपभोग कर रहे हैं। साथ ही लाइव वीडियो में कह भी रहे हैं कि जेल में जन्मदिन की पार्टी मना रहे हैं, कोई दिक्कत नहीं है।
इतना ही नहीं वे वीडियो में शराब की बोतल, चरस, स्मैक, गांजा, सिगरेट आदि का प्रदर्शन भी कर रहे हैं। वे वीडियो में ये भी कहते नजर आए कि हमारे पास किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है, हर मनचाही चीज हमें यहां उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस बाल संप्रेषण गृह के इस वीडियो ने राजकीय बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पाेल खोल दी है। शराब पार्टी के इस वीडियो को दो दिन की चुप्पी के बाद विभाग ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। जो बुधवार से सक्रिय होगी।
मामला दबाने की कोशिश : दो दिन चुप्पी के बाद विभाग ने अब बनाई जांच कमेटी
बाल संप्रेषण गृह से आवसितों के भवन के जंगले, दरवाजा या दीवार तोड़कर फरार हो जाने की आधा दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन यह पहला अवसर है जब गृह में नाबालिग मानकर रखे गए ये बच्चे दारू पार्टी करते नजर आए हैं। ये वीडियो उनके द्वारा जानबूझकर वायरल किया गया है और इतना ही नहीं मीडिया कर्मियों को वीडियो वायरल करने की सूचना भी दी है।
हैरत की बात तो यह है कि बाल संप्रेषण गृह पर उनकी सुरक्षा व देखरेख के लिए केयर टेकर, गार्ड, अधीक्षक सहित सहायक आदि करीब आधा दर्जन कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहती है, इसके बावजूद गृह के आवासितों के पास शराब की बोतल, स्मैक, सिगरेट आदि का पहुंचना जिम्मेदारों के कामकाज पर सवाल खड़ा करता है।
जिम्मेदारों ने फोन किए बंद
संप्रेषण गृह में आवासितों की उक्त करतूत को जिम्मेदार छुपाने की कोशिश में जुट गए हैं। वीडियो में आवासित शराब की बोतल दिखा रहे हैं। बोतल से बना कर हुक्का पी रहे हैं, वायरल वीडियो के संबंध में जब बाल संप्रेषण गृह के कार्यवाहक अधीक्षक प्रकाश, स्टाफ सत्यवीर एवं चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम के सहायक उपनिदेशक पूरन सिंह को मंगलवार शाम 7.30 से 8.30 बजे तक कई बार कॉल किए, लेकिना मोबाइल बंद आया।
कमेटी आज जांच करेगी: चौबीसा
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक प्रफुल्ल कुमार चौबीसा ने मामले को यह कहकर टालने की कोशिश की कि चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम के सहायक निदेशक पूरन सिंह हैं, उन्हीं से बात करें। लेकिन बाद में जब उनसे पूछा गया कि क्या उनको इस मामले की जानकारी नहीं हैं, तो वे बोले के अभी-अभी उक्त मामला मेरे संज्ञान में आया है। जांच का विषय है, इसलिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है।
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