धनु मल मास आज रात 9:31 बजे से शुरू हाेकर 14 जनवरी की सुबह 8:13 बजे तक रहेगा, नहीं हाेंगे मांगलिक कार्य

मल मास इस बार मंगलवार की रात 9:31 बजे से शुरू हाे जाएगा। यह 14 जनवरी 2021 की सुबह 8.13 बजे तक रहेगा। इस एक महीने की अवधि में भगवान सूर्य अपने गुरु बृहस्पति की सेवा में रहेंगे। इस कारण सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। धनु मल मास में वैसे तो बहुत कम अच्छे संकेत मिलते हैं। यह महीना नकारात्मकता से भरा होता है। बावजूद इसके इस बार देश के लिए यह धनु संक्रांति कुछ अच्छे संकेत लेकर आई है। संक्रांति की कुंडली के सप्तम भाव में गुरु व शनि के कारण भारत का प्रभुत्व पूरे विश्व में बढ़ेगा।

देश इस दिशा में कई नए आयाम स्थापित करेगा। इसके साथ ही चांद्र मार्गशीर्ष में 5 मंगलवार होने के कारण राजनीतिक विग्रह बढ़ेंगे। उन्हाेंने बताया कि एक वर्ष में सूर्य 2 बार अपने गुरु बृहस्पति की राशि में जाता है जिसे 15 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच धनु मल मास कहते हैं और 14 मार्च से 13 अप्रैल तक के समय को मीन मल मास कहते हैं। इन दोनों ही समय की अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं हो सकता है।


क्या है धनु मल मास : ज्याेतिषविद जगदीश साेनी ने बताया कि जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता तो उस मास को धनु मल मास कहते हैं। मंगलवार को मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि, मूल नक्षत्र कालीन रात 9:31 बजे कर्क लग्न में प्रवेश करेगा। 30 मुहूर्ति इस संक्रांति का पुण्य काल मध्याह्न बाद रहेगा। वारानुसार महोदरी तथा नक्षत्रानुसार राक्षसी नामक यह संक्रांति बुरे लोगों के लिए लाभप्रद रहेगी।


जगदीश साेनी के मुताबिक धनु की संक्रांति में सभी मांगलिक कार्य निषेध होते हैं। मुहूर्त चिंतामणी ग्रंथ के अनुसार बावड़ी, तालाब, कुआं खोदना या बोरिंग करवाना, बगीचा लगाना, गृह प्रवेश करना, देव प्रतिमा स्थापित करना, व्रतों का उद्यापन करना, नवविवाहिता वधू का गृह प्रवेश, पृथ्वी, सोना आदि का दान सब निषेध है। इसी तरह अष्टका श्राद्ध, वेद अध्ययन, गोदान, यज्ञोपवीत, मुंडन, तीर्थ, अभिषेक आदि भी इस मास में वर्जित किए गए हैं।


इन वस्तुओं का दान रहेगा लाभप्रद : पौष मास में पौष पूर्णिमा को अनाज (कनक व चावल) से भरे हुए ताम्रपत्र (कलश), लाल गर्म वस्त्र, गुड़, तिल के बने पदार्थ, मौसमी फल, मिष्ठान, ईंधन आदि का दक्षिणा सहित दान का विशेष महात्म्य है।

25 अप्रैल 2021 से शादी समाराेह शुरू हाेंगे
15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मल मास, 16 जनवरी से 16 फरवरी तक गुरु का तारा अस्त होगा। इस बीच 14 फरवरी से शुक्र का तारा भी अस्त हो जाएगा। 14 मार्च से 13 अप्रैल तक मीन संक्रांति यानी मीन मल मास रहेगा। शुक्र का तारा 23 अप्रैल को उदय होगा। इसके बाद ही 25 अप्रैल से शादियां समाराेह का आयाेजन शुरू हाेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Dhanu Mal Mass will start from 9:31 pm tonight and will continue till 8:13 am on January 14;


टिप्पणियाँ