दो साल से अधूरे दौराई ओवर ब्रिज का निर्माण फिर से शुरू, 9 माह में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य किया निर्धारित
दो सालों से अधूरे पड़े दौराई ओवर ब्रिज का काम प्रारंभ हो गया है। आरएसआरडीसी की ओर से अधूरे पड़े कामों के करीब साढ़े 13 करोड़ के टेंडर जारी किए थे, जिन्हें अब शुरू कर दिया गया है। संबंधित फर्म के मजदूर साइट पर आ चुके हैं और साफ-सफाई कर रहे हैं। काम पूरा करने के लिए आरएसआरडीसी ने जिला प्रशासन और रेलवे को फाटक को बंद किए जाने के लिए पत्र भी लिख दिया है।
आरएसआरडीसी ने 27.23 करोड़ की लागत से बनने वाले आरओबी को बनाने की शुरुआत वर्ष 2016 में कर दी थी। यहां आधे से ज्यादा काम हो चुका था। रेलवे लाइन से सटी एक 252 वर्ग मीटर जमीन अवाप्ति होने में आ रही दिक्कत के कारण यह काम डेढ़ सालों अटका था। प्रशासन की ओर से गठित एक कमेटी ने इस जमीन की मुआवजा राशि 2.48 करोड़ तय कर राज्य सरकार को अप्रूवल के लिए भेज। यह जमीनी मसला हल होने के बाद वापस टेंडर जारी करने और अन्य औपचारिकताओं में 6 महीने से ज्यादा बीत गए। यहां ब्यावर रोड और दौराई की तरफ भुजाएं बन चुकी हैं। दोनों भुजाओं को मिलाने का काम अभी बाकी है। मुख्य काम रेलवे लाइन के उपर होना है।
लंबी कतारों से आए दिन जाम, लोग परेशान
फाटक बंद होने के साथ ही यहां लंबी कतारों के साथ जाम लग जाता है। यह जाम मुख्य रोड तक भी पहुंच जाता है। डेयरी के वाहन भी इसमें फंस जाते हैं। यहां रोजाना हजारों की तादाद में लोग परेशान होते हैं।
यहां से 24 घंटे में गुजरते हैं 65 हजार 225 यात्री
रेलव की ओर से ओवर ब्रिज बनाने के समय किए गए सर्वे मुताबिक ब्यावर रोड से दौराई की तरफ और दौराई से ब्यावर रोड की तरफ से गुजरने वाले दो पहिया और चार पहिया वाहनों से गुजरने वाले यात्रियों की संख्या 65 हजार 225 यात्री है। यह संख्या 24 घंटे की है।
इनका कहना है
बाकी बचे कामों के टेंडर जारी होने के बाद संबंधित फर्म ने काम प्रारंभ कर दिया है। अब रेलवे फाटक को काम के दौरान बंद करने को लेकर जिला प्रशासन और रेलवे को पत्र भी दिया गया है।’
-अरुण माथुर, एक्सईएन, आरएसआरडीसी, अजमेर
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ