शहर कैमरे की आधी-अधूरी नजर में है 800 कैमरों के जरिए अभय कमांड से रखी जानी थी निगरानी,

शहर की तीसरी आंख के रूप में शुरू हुए अभय कमांड सेंटर को गुरुवार को 3 साल पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन इसकी स्थापना का मकसद अभी अधूरा ही है। सेंटर के तहत शहर के प्रमुख चौराहों सहित 300 मुख्य स्थानों पर 800 कैमरे लगने थे, लेकिन अब तक 99 लाेकेशन पर 281 ही लग पाए हैं। शहर के सभी मुख्य चाैराहों और काॅलाेनियाें में कैमरे लगना इसलिए भी जरूरी हैं, क्याेंकि अब तक जहां कैमरे लगे हैं, उनकी मदद से सेंटर तीन साल में 200 से ज्यादा कार्रवाइयों में सहायक बना है। बता दें कि दिसंबर, 2017 में तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ने जयपुर, अजमेर, काेटा के बाद उदयपुर में प्रदेश के चाैथे अभय कमांड सेंटर शुरू किया था।

हमारी सुरक्षा में बाधा बने ये 2 बड़े कारण

1. बजट : पैसे के अभाव में कंपनी ने काम रोक दिया
अधिकारियों का कहना है कि टेंडर के तहत निजी कंपनी के जरिए कैमरे लगाए जा रहे थे, जिसमें बजट की परेशानी होने पर बंद हो गया। अब स्मार्ट सिटी के जरिए यह काम करने की याेजना है।
2. सीवरेज कार्य : अंडरग्राउंड नहीं हो पाई ऑप्टिकल केबल
कैमरे चालू करने के लिए ओएफसी, नेट-बिजली कनेक्शन जरूरी है। कैमरे लगाने के लिए पाेल ताे खड़े किए पर नगर निगम के धीमे सीवरेज कार्य के कारण कई जगह फाइबर केबल भूमिगत नहीं हाे पाई है।

जो कैमरे लगे हैं, उनके जरिए 200 से ज्यादा केसों में आरोपी तक पहुंची पुलिस

  • आबकारी अधिकारी की सिख काॅलाेनी में देर रात चाकू से वार कर हत्या कर दी गई थी। इसमें प्रयुक्त वाहन के अभय कमांड सेंटर से फुटेज मिले। पुलिस काे यही से बड़ी लीड मिली और अभियुक्ताें काे गिरफ्तार किया।
  • एक ही दिन में राह चलती महिला से पर्स छीनने की दाे वारदात गुमानिया नाला और एक साइफन के पास हुई। अभय कमांड सेंटर से तीनाें जगह से फुटेज मिले जिसमें वारदात एक ही बाइक सवार गैंग द्वारा करना सामने आया। पहचान हाेने के बाद अगले ही दिन तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।
  • सहेली मार्ग एक्सिस बैंक के पास रुपए से भरा बेग लूट के प्रयास में युवक की हत्या कर दी गई। कमांड सेंटर से फुटेज मिले जिसमें अभियुक्ताें की पहचान हुई। अगले ही दिन अभियुक्ताें की गिरफ्तारी हुई। इसी तरह की अन्य रैलियाें में कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था बनाने में सहायक बना।

बची हुई लोकेशन पर कैमरे लगाने के प्रयास हैं : एसएसपी बिश्नोई
जाे भी कैमरे लगे हुए हैं उनसे शहर की हर दूसरी वारदात में सहयाेग मिल रहा है। अब जाे बची हुई लाेकेशन है, वहां कैमरे लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्राेजेक्ट जल्द पूरा हाेगी और कानून व्यवस्था में बेहतर सहयाेग मिले।
कैलाश चन्द्र बिश्नाेई, एसएसपी, उदयपुर

स्मार्ट सिटी के तहत करेंगे बाकी का काम : एसीईओ स्मार्ट सिटी

स्मार्ट सिटी के तहत सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाने की ही नहीं, इसके साथ इंटिग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, प्रदूषण रिकाॅर्ड सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट काे ऑनलाइन करने जैसे कार्य हाेंगे। 80% प्रस्ताव का काम पूरा हाे चुका है।
प्रदीप सिंह सांगावत, एसीईओ, स्मार्ट सिटी



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फाइल फोटो।


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