कोरोना वैश्विक महामारी के खात्मे के लिए देश के हर कोने में तैयारी शुरू हो गई है। नए साल 2021 में कोरोना वैक्सीन के आने की उम्मीदों के साथ ही बाड़मेर जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठित करने के साथ ही जिले के कोने-कोने तक वैक्सीन पहुंचाने की तैयारी हो चुकी है। वर्तमान में 10 हजार से ज्यादा वैक्सीन के रखने के लिए वैक्सीन सेंटर बनाए गए है।
सबसे पहले फ्रंट लाइन के 7858 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसका डाटा जयपुर भेज दिया गया है। जब जैसे ही कोरोना वैक्सीन लांच होगी, तब जयपुर-जोधपुर पहुंचेगी। इसके बाद वहां से अलग-अलग जिला मुख्यालयों तक पहुंचेगी।
बाड़मेर जिले में 103 वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए है, जहां स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी। इसके लिए जरूरी नहीं है कि हर कोई वैक्सीन लगाए, जो वैक्सीन नहीं लगाना चाहता है उसके लिए कोई पाबंदी नहीं है। प्रशासन की ओर से इसकी पूरी तैयारियां की गई है। लगातार टास्क कमेटी की ओर से मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
कोरोना के बीच आमजन से जुड़ी अच्छी खबर है कि अब कोरोना को मात देने के लिए वैक्सीन के जल्द मिलने की उम्मीद है। इसी के इंतजार में टीकाकरण के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बाबूलाल बिश्नोई ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे हर स्तर की तैयारियों में लगा हुआ है। जिला कलेक्टर विश्राम मीणा की अध्यक्षता में साप्ताहिक टास्क फोर्स की बैठक की जा रही है।प्रथम चरण में वैक्सीन लगाने का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण की तैयारी शुरू होगी। सिलसिलेवार सभी लोगों को वैक्सीन का लाभ दिया जाएगा।
प्रथम चरण: बनाए जाएंगे 103 वैक्सीनेशन सेंटर
पहले चरण में कुल 100 वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीनेशन किया जाएगा एवं जिला स्तर पर एक मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर बनाने हेतु एक टीम का गठन किया है, जिसे राज्य स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। प्रथम चरण में जिले के सभी मेल नर्स, डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को ही वैक्सीन लगेगी। जिले के 137 सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल, 45 प्राइवेट अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को ये वैक्सीन दी जाएगी। जहां वैक्सीन रखी जाएगी, वहां 24 घंटे सुरक्षा में 4-5 कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात होंगे। अब ब्लॉक स्तर पर भी एसडीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है। टीकाकरण में लगने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
वैक्सीन सेंटर के तीन रूम जरूरी
जिन पीएचसी पर वैक्सीन सेंटर बनाए गए है, वहां तीन रूम जरूरी है। अगर पीएचसी पर 3 रूम नहीं है, तो नजदीक के तीन रूम वाले राजीव गांधी सेवा केंद्र या अन्य जगह सेंटर बनाया जाए। 24 घंटे बिजली की व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए है। प्रथम रूम वेटिंग रूम होगा, दूसरा रूम वैक्सीन रूम होगा और तीसरा रूम जहां टीकाकरण होने वाले व्यक्ति को रखा जाएगा। टीकाकरण के बाद आधा घंटा तक उसे निगरानी में रखा जाएगा। जगह उसे कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ स्पेशलिस्ट चिकित्सक एवं डब्ल्यूएचओ की टीम उपचार करेगी।
शेष चरणों में प्रशासन, बुजुर्ग व बच्चों को लगेगी
जिले में पहली बार में कोरोना ड्यूटी में लगे स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को कोरोना वैक्सीन मिलेगी। इसके बाद दूसरी बार में 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को कोरोना वैक्सीन मिलना शुरू होगी। तीसरे फेज में 30 से 60 साल तक की उम्र के युवाओं को कोरोना वैक्सीन मिलेगी। इसके बाद जरूरी लोगों को भी वैक्सीन दी जा सकेगी।
^हमने जिले में कोरोना टीके के पहुंचने से पहले ही तैयारियां कर ली है। 103 वैक्सीन सेंटर बनाए है, जहां फ्रंट लाइन के स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगेगा। इसके लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की ओर से मॉनिटरिंग की जा रही है। हम तो सिर्फ वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं, बाकी तैयारियां सब पूरी कर ली गई है।
-विश्राम मीणा,जिला कलेक्टर, बाड़मेर।
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