अब डिस्काॅम के शहरी क्षेत्र में आने वाले उपभोक्ताओं के चार घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बंद रहती है तो बिजली कंपनी क्षतिपूर्ति के रूप में उपभोक्ता को 75 रुपए की राशि देगा। अगर डिस्कॉम यह राशि नहीं देता है तो आगामी बिजली बिल की राशि में यह राशि कटकर आएगी।
यह मानक विद्युत विनियामक आयोग ने तय किया है। हाई वॉल्टेज से जलने वाले बिजली उपकरणों से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए क्षति पूर्ति के रूप में राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा ओवरहैड लाइन खराब होने, अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त होने पर उसे बदलने, ट्रांसफार्मर खराब होने पर, मीटर टेस्टिंग, खराब मीटर बदलने, मीटर के कारण करंट नहीं मिलने, मीटर व लाइन शिफ्टिंग, नए कनेक्शन देने, बिजली कनेक्शन में नाम बदलने, बिजली बिलों के वितरण व समस्याओं के निस्तारण के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है।
नए कनेक्शन देने और वर्तमान कनेक्शन में संशोधन के लिए मेट्रो शहर में अधिकतम समय-सीमा 7 दिन तथा अन्य पालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन होगी। दरअसल, केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय ने देश में विद्युत उपभोक्ताओं के अधिकारों को तय करते हुए नियम लागू किए हैं।
केन्द्रीय विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने इन नियमों को जारी किया। इन नियमों को लागू करने से यह सुनिश्चित होगा कि नए बिजली कनेक्शन, रिफंड तथा अन्य सेवाएं समयबद्ध तरीके से दी जा सकें।
ये मिलेगा हर्जा-खर्चा
- फुली ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन, कंप्यूटर जलने पर: ~2000 >कलर टीवी, सेमी ऑटोमेटिक वाॅशिंग मशीन, फ्रीज जलने पर: ~1000
- पंखा, ब्लैक एंड व्हाइट टीवी, मिक्सी जलने पर पर मिलेंगे: 500 रुपए
आदेश आते ही लागू करेंगे : अधीक्षण अभियंता
^विद्युत नियामक आयोग बड़े स्तर पर बिजली कंपनियों में सुधार की ओर कदम उठा रहा है। हमारे पास आदेश आते ही इसे लागू करेंगे। इससे बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली में और सुधार होगा और उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली आपूर्ति मिलेगी।
-संजय अग्रवाल, एसई, जेवीवीएनएल, भरतपुर
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