जयपुर के 7 आरटीओ व डीटीओ में 41 अफसर-कर्मचारियों की गंभीर शिकायतें

आरटीओ-डीटीओ में ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर, अस्सिटेंट इंस्पेक्टर और लिपिक वर्ग के रोस्टर में अगले महीने बदलाव की तैयारियों के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया। परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने साफ कह दिया है कि अगले महीने नए रोस्टर के तहत सभी अफसरों व कर्मचारियों की सीटें बदली जानी तय है, लेकिन रोस्टर के दायरे में आने वाले सभी अफसर-कर्मचारी इसे रोकने में जुट गए हैं।

उनका तर्क है कि लॉकडाउन के दौरान की अवधि में काम ही नहीं हुए तो फिर जनवरी की बजाय अप्रैल या जून तक उन्हें वर्तमान सेक्शन में ही रहने दिया जाए। उधर, 41 अफसर-कर्मचारियों की एक लिस्ट तैयार की गई है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार जैसी गंभीर शिकायतें मिली है। इन सभी को दूसरे जिलों में तबादले की तैयारी कर ली है।
मंत्री-कमिश्नर में रोस्टर को लेकर विवाद
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रवि जैन ने रोस्टर प्रणाली में बदलाव करते हुए नया रोस्टर लागू कर दिया था, जिसमें जनवरी की बजाए अप्रैल व अक्टूबर में इंस्पेक्टरों को बदलना था। पहले जनवरी व जुलाई में यह बदलाव होते थे। मंत्री व कमिश्नर में खींचतान हुई। बाद में जनवरी व जुलाई में नया रोस्टर माना गया।
रोस्टर इसलिए- आरटीओ-डीटीओ आफिस में कमाई वाली सीटों को हथियाने की होड़ रहती है। इसलिए विभाग ने रोस्टर सिस्टम लागू किया, ताकि अफसरों और बाबूओं तथा ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टरों की हर 6 माह में बदली हो जाए।

^ आरटीओ व डीटीओ कार्यालय में लगे ऐसे बाबूओं, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टरों की सूची तैयार कर चुके हैं, जिन्हें बाहर भेजा जाना है। जिनकी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हैं, ऐसे 41 नाम सूचीबद्ध हैं, उन्हें अन्य जिलों में भेजेंगे।
- प्रतापसिंह खाचरियावास, परिवहन मंत्री राजस्थान



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