इंडस्ट्रियल वेस्ट फेंकने पर 5000 की पेनल्टी वसूलेगा रीको

अब किसी भी इंडस्ट्रियल एरिया में किसी भी तरह का औद्याेगिक कचरा एकत्रित करना भारी पड़ेगा। रीकाे ने औद्याेगिक कचरा इकट्ठा करने पर पेनल्टी डबल कर दी है। अब ऐसा करने पर 2500 की बजाए 5000 रुपए लिए जाएंगे। पेनल्टी के साथ जीएसटी भी लगाई जाएगी। रीकाे अधिकारियाें का कहना है ऐसा इलाके के पर्यावरण काे शुद्ध बनाने के लिए किया जा रहा है।

रीकाे के सीनियर रीजनल मैनेजर सुनील गर्ग का कहना है कि आईडीसी की बैठक में हाल में लिए गए निर्णय में यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए रीकाे डिस्पाेजल लैंड रूल्स 1979 के 28ए में बदलाव किया गया है। इसमें कहा गया है कि फैक्ट्री प्रबंधन अपने इलाके काे साफ करने के लिए जिम्मेदार है। ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें वह उत्पादन का वेस्ट कचरा, ऐश, स्टाेन स्लरी, रबड़ व अन्य राॅ मटेरियल फैक्ट्री के बाहर या कहीं भी एकत्रित नहीं कर सकता। पहले इस पर केवल 2500 रुपए का जुर्माना था। अब उसे बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा 18 प्रतिशत जीएसटी भी देनी होगी। औद्याेगिक कचरा मिलने पर रीकाे द्वारा नाेटिस दिया जाएगा। नाेटिस मिलने के 15 दिन में भी कचरा नहीं हटाया ताे उसकी फाेटाेग्राफी करवाकर रीकाे हटवाएगा।

पेनल्टी चुकाने में देर हाेने पर 12%ब्याज भी वसूला जाएगा
इंडस्ट्रियल वेस्ट हटवाने का सारा खर्च और 5 हजार रुपए की पेनल्टी जीएसटी सहित उद्यमी से वसूली जाएगी। उसका भुगतान नहीं करने पर यह सब खर्च उसके रीकाे के खाते में अटैच कर दिया जाएगा। जब भी उसे रीकाे से काम हाेगा। पहले इसका भुगतान लिया जाएगा। इसमें 12 फीसदी ब्याज भी देना हाेगा। उसके बाद उसका काम हाे सकेगा। रीकाे की टीम समय-समय पर हर इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण करेगी।

31 दिसंबर तक गृहकर व यूडी टैक्स जमा कराने पर ब्याज व पेनल्टी में 50% छूट
स्वायत्त शासन विभाग ने गृह कर और यूडी टैक्स की राशि एकमुश्त जमा करवाने पर ब्याज और पैनल्टी पर छूट की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है। हालांकि जिन्होंने राशि जमा करा दी है, उन्हें इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा। स्वायत शासन विभाग के डायरेक्टर व विशिष्ट सचिव दीपक नंदी ने आदेश जारी किए हैं कि संपूर्ण बकाया जमा करवाने पर मूल गृह कर की राशि पर 50 प्रतिशत राशि की छूट व पैनल्टी पर शत प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं वर्ष 2019-20 तक एकमुश्त यूडी टैक्स की राशि जमा कराने पर ब्याज एवं पैनल्टी पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
जिन मामलों में 8 वर्ष से पहले का यूडी टैक्स बकाया चल रहा है उनमें एकमुश्त राशि जमा करवाने पर उस अवधि के यूडी टैक्स में ब्याज पैनल्टी और मूल बकाया में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। गौरतलब है कि स्वायत्त शासन विभाग ने ऑनलाइन यूडी टैक्स जमा कराने के लिए एक सॉफ्टवेयर भी लॉन्च किया है।



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