उपखंड के नेतरा गांव से गत 23 नवंबर, 2016 काे घर से फालना पढ़ने निकला मनाेहर राजपुराेहित आज दिन तक घर नहीं लाैटा है। घटना के दूसरे दिन परिजनाें ने फालना थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। लेकिन घटना के 12 दिन बाद अज्ञात लाेगाें द्वारा फिराैती के लेटर भेजने के बाद परिजनाें काे अपहरण का पता चला।
अपहरणकर्ताओं ने 25 लाख की फिराैती मांगी। अपहरणकर्ताओं ने 6-7 बार पत्र लिखकर फिराैती की जगहाें काे बार-बार बदलने के बाद पत्र लिखना बंद कर दिया। आखिरकार थक हारकर परिजनाें ने पुलिस प्रशासन से लेकर सीएम व पीएमओ तक पत्र लिखकर मनाेहर अपहरण कांड में लिप्त आराेपियाें का सुराख लगा मनाेहर काे सकुशल घर लाने का निवेदन किया। लेकिन घटना के 4 वर्ष 1 माह बीत जाने के बाद भी पुलिस मनाेहर काे ढूंढ़ नहीं पाई है। परिजनाें, जनप्रतिनिधियाें व छत्तीस काैम ने सीएम काे पत्र लिखकर मामला सीबीआई काे साैंपने की मांग की है।
तीन बहनाें का इकलाैता भाई
प्रकाश राजपुराेहित की चार संतानें है। जिसमें तीन बहनाें के बाद चाैथा इकलाैता बेटा मनाेहर है। घर के एकमात्र चिराग का भी अज्ञात लाेगाें द्वारा अपहरण किए जाने के बाद माता-पिता व परिजनाें का राे - राेकर बुरा हाल है।
प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग की
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्या व सुमेरपुर विधानसभा प्रत्याशी डाॅ. रंजू रामावत ने बुधवार काे मुख्यमंत्री काे पत्र लिखकर मनाेहर प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग उठाई है। डाॅ.रामावत ने बताया कि 4 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन मनाेहर काे ढूंढ़ नहीं पाई है। जिसे लेकर लाेगाें में राेष व्याप्त है।
उन्हाेंने सीएम से यह अपहरण मामला जल्द सीबीआई काे साैंपने का आग्रह किया ताकि पीड़ित परिवार काे न्याय मिल सके। वहीं मनोहर अपहरण मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद ने एसडीएम काे ज्ञापन साैंपा।
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