मेगा प्रोजेक्ट से खुलेगा विकास का नया दरवाजा, पहली रिंग रोड: 47 किमी की 6 लेन रोड तैयार, इस पर ट्रैफिक शुरू

नए साल में राजधानी जयपुर को बड़ी खुशखबर मिलेगी। 15 साल पहले जयपुर के लिए जिस मेगा रिंग रोड प्रोजेक्ट का सपना देखा गया था, वह अब पूरा होने जा रहा है। अजमेर रोड से टोंक रोड और फिर आगरा रोड तक की 47 किलोमीटर रिंग रोड बनकर तैयार हो चुकी है। इस पर ट्रैफिक भी शुरू किया जा चुका है। अब भविष्य की रिंग रोड पूरी होते ही हमारा मेगा रिंग रोड का सपना भी पूरा हो जाएगा। इसके पूरा होते ही जयपुर के लिए अगले दो साल में हैवी ट्रैफिक से राहत का रास्ता खुल जाएगा।

दरअसल, मेगा रिंग रोड दो हिस्सों में पूरी होनी थी। सर्दर्न रिंग रोड और नॉर्दर्न रिंग रोड। सर्दन रिंग रोड अजमेर हाईवे-टोंक हाईवे-आगरा हाईवे को जोड़ेगी। इसका निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रैफिक भी शुरू कर दिया है। यह रिंग आधे जयपुर शहर को घेरती है। मेगा रिंग राेड को पूरा करने के लिए आगरा हाईवे से दिल्ली हाईवे और अजमेर हाईवे को भी जोड़ा जाना था, जिसे नॉर्दर्न रिंग रोड कहा जाएगा और इसकी अनुमानित लंबाई करीब 95 किमी होगी। हालांकि, फिलहाल इसे आगरा हाईवे से दिल्ली हाईवे के बीच ही जोड़े जाने की योजना है। इसकी दूरी करीब 45 किमी है। इसके लिए सर्वे एलाइनमेंट फाइनल करके राज्य सरकार की मंजूरी चाहिए। दिल्ली रोड से आगे अजमेर हाईवे तक फिलहाल सीजन बाइपास से काम निकल रहा है।

जमीन अवाप्ति के विवाद के कारण इसका काम रुका हुआ है। इसके लिए करीब 30 गांव की जमीनें अवाप्त की जानी थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब राज्य सरकार भी रोड की रिंग को पूरी करने की सोच रही है। प्लान के एग्जीक्यूट करने के लिए जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) के कमिश्नर गौरव गोयल ने एनएचएआई के साथ बातचीत शुरू की है। एनएचएआई रोड बनाने को तैयार है, बशर्ते राज्य सरकार जमीन मुहैया कराए। वहीं जेडीए भी इस ओर मन बना रहा है।

  • अनुमान: आगरा हाईवे-अजमेर हाईवे तक 95 किमी लंबी होगी नॉर्दर्न रोड, अभी दिल्ली हाईवे तक बनेगी
  • फायदा : रोड के किनारे वेयरहाउस, फार्महाउस, मैरिज गार्डन जैसी डवलपमेंट प्लानिंग हो सकेगी
  • 50 गांवों की जमीन अवाप्त की गई सर्दर्न रिंग रोड के निर्माण के लिए
  • 30 गांवों से नॉर्दर्न रिंग रोड गुजरेगी आमेर, जयपुर-जमवरामगढ़ तहसील के
  • नॉर्दर्न रिंग रोड के लिए जमीन अवाप्ति पर जेडीए व एनएचएआई में बनी सहमति
  • भविष्य की रिंग रोड: दो साल में जयपुर के लिए जाम से राहत का रास्ता खुलेगा
  • 360 मीटर जमीन तय की गई है रिंग रोेड के लिए मास्टर प्लान में
  • 70 मी. में एनएचएआई बनाएगा रोड, लेकिन जेडीए प्लानिंग पूरे 360 मीटर की करेगा
  • रोड के लिए एएजी की राय लेगा जेडीए, ईकोलॉजिकल जोन के हिसाब से की प्लानिंग

नॉर्दर्न रिंग रोड आमेर-जयपुर-जमवारामगढ़ तहसील के 30 गांवों से गुजरेगी। इस संबंध में एनएचएआई ने खसरों की सूचना भेज जेडीए को सभी भू-परिवर्तन को रोकने को लिखा हुआ है। यही नहीं एनएचएआई ने जमीन अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

बता दें कि मास्टर प्लान में जेडीए ने रिंग रोड के लिए 360 मीटर (सर्दर्न रिंग रोड भी इतनी ही) जमीन तय की हुई है। वहीं एनएचएआई केवल 70 मीटर में रोड बनाएगा। बचे एरिया में डवलपमेंट प्लानिंग की जाएगी। इसमें विभिन्न एक्टीविटी के तहत कॉमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल आदि की प्लानिंग रहेगी। हालांकि अभी मास्टर प्लान संबंधी याचिका में ईकोलॉजिकल एरिया का मामला कोर्ट में लंबित है, लेकिन शहर के लिए बेहद जरूरी रिंग रोड के मसले पर जेडीए ने कानूनी सलाह पर कोर्ट से मंजूरी की सोची है। उम्मीद जताई जा रही है कि जनहित के व्यापक मुद्दे पर राहत मिल सकेगी।

वहीं दूसरी ओर जमीन अवाप्ति के मामले में जेडीए यहां भी 70-80 मीटर के बजाए 360 मीटर में प्लानिंग कर सकता है। साथ ही इकोलॉजिल के हिसाब से इस पूरे 44 किमी में शर्तों के साथ वेयरहाउस, फार्महाउस, मैरिज गार्डन की प्लानिंग पर विचार है। प्लानिंग पूरी होती है तो शहर को जाम से निजा तो मिलेगी ही, अर्थव्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आएगा।

तेजी जरूरी- क्योंकि बढ़ते शहरीकरण से रिंग का आकार भी बढ़ेगा
नॉर्दर्न रिंग रोड के लिए जेडीए ने ढाई साल पहले ही सर्वे और अलाइनमेंट कर दिया। देरी और सेंचुरी एरिया के चलते एक बार अलाइनमेंट खिसका भी है। अब जल्द ही इस ओर फैसला नहीं लिया गया तो बढ़ते शहरीकरण के प्रभाव में फिर रिंग का साइज बढ़ेगा। बड़ी चुनौती इकोलॉजिकल एरिया में बेतरतीब हो रहे निर्माण का है। यह भविष्य में जेडीए और सरकार के लिए सिरदर्द बनेगा।

^रोड बनानी है तो जमीन राज्य सरकार को अवाप्त करके देनी होगी, क्योंकि प्राॅयरिटी उन्हीं की है। एनएचएआई काम करता है तो 2 साल लगेंगे। संभावित खर्च करीब 1500 करोड़ हो सकता है।
-अजय आर्य, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई

^रोड की रिंग को पूरा करने के बारे में (सर्दर्न को नॉर्दर्न के साथ) हाल ही एनएचएआई से बातचीत शुरू की है। वो अब इस ओर इच्छुक लग रहे हैं। हम भी चाहते हैं कि काम पूरा करें। जमीन अवाप्ति को लेकर सरकार से बात करेंगे।
-गौरव गोयल, जेडीए कमिश्नर



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810 करोड़ रुपए की लागत से सर्दर्न रिंग रोड तैयार, यह रोड अजमेर हाईवे-टोंक हाईवे-आगरा हाईवे को जोड़ती है।


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