बयाना सीएचसी में लगाया ऑक्सीजन प्लांट, 40 सिलेंडरों से वार्डों तक सप्लाई की व्यवस्था, हर बेड पर रहेगा कनेक्शन
ऑक्सीजन की कमी के कारण जिला अस्पताल रेफर होने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। कोरोना वायरस के संक्रमण से अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है। इसे देखते हुए बयाना सीएचसी में 40 सिलेंडर की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। जल्दी ही प्लांट में ऑक्सीजन जनरेट करने की मशीनें भी लगेंगी। जिसके बाद ऑक्सीजन का उत्पादन भी यहीं शुरू हो जाएगा। फिलहाल 40 सिलेंडरों से मरीजों को उनके बेड तक आपूर्ति की जाएगी।
गौरतलब है कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए सरकार ने प्रदेश में कई अस्पतालों में ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमित गंभीर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना के गंभीर संक्रमण से ग्रसित मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। नतीजन, ऑक्सीजन की डिमांड और खपत भी बढ़ गई है।
पिछले कई दिनों से अस्पताल में प्लांट व ऑक्सीजन सप्लाई के लिए लाइन बिछाने का काम चल जो अब पूरा हो गया है। प्लांट से सीएचसी के दोनों जनरल वार्डों व जच्चा वार्ड में लाइनें बिछाई गई हैं। इसके तहत जनरल वार्ड में 20 ऑक्सीजन पॉइंट तथा बच्चा वार्ड में 7 ऑक्सीजन पॉइंट लगाए गए हैं। एक पॉइंट में दो-दो नोजल लगा सकते हैं। इस तरह एक बार एक साथ में 54 मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई की जा सकती है।
सिलेण्डर नहीं बदलना पड़ेगा
पूरे अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन बिछाई गई है। यानी प्रत्येक वार्ड में हर दो बेड के बीच ऑक्सीजन पाइंट लगाया गया है। जैसे ही रोगी को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ेगी, वहां ड्यूटी का स्टाफ कनेक्शन चालू कर देगा। जिससे रोगी को तुरंत राहत मिल जाएगी और बार-बार सिलेंडर बदलने का झंझट भी नहीं रहेगा।
गौरतलब है कि इस संक्रमणकाल में ऑक्सीजन की जरुरत वाले पेशेंटों की तादाद में बढ़ोतरी होने पर सिलेंडरों की किल्लत हो गई थी। इस पर ऐसे मरीजों को इमरजेंसी में जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा था। लेकिन अब प्लांट स्थापित होने से ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
बिजली गुल होने का असर नहीं
प्लांट का डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि बिजली गुल होने पर भी व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। लाइट जाने पर प्लांट में मौजूद सिलेंडरों से ऑक्सीजन की सप्लाई चालू हो जाएगी।
कोरोना पेशेंट्स के लिए जरुरी
डॉक्टरों के मुताबिक, कोरोना पेशेंट के लिए ऑक्सीजन काफी जरूरी है, क्योंकि इस संक्रमण में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है। इसके अलावा दूसरे पेशेंटों के लिए भी ऑक्सीजन की आवश्यकता रहती है। ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अब ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने का झंझट भी समाप्त हो जाएगा।
^अस्पताल परिसर में 40 सिलेंडर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया गया है। प्लांट में ही ऑक्सीजन जनरेट करने की मशीन की डिमांड भेज दी गई है। इससे जल्द ही प्लांट में ही ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकेगा। प्रत्येक वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई लाइन बिछाई गई है। लाइनों को प्लांट से कनेक्ट कर दिया गया है। प्लांट स्थापित होने से ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें अब रेफर भी नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. भरत मीणा, चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी बयाना
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