सीवरेज कंपनी एलएंडटी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। निकटवर्ती ग्राम पंचायत 3 ई छाेटी में सितंबर माह की शुरूआत में फर्म द्वारा सीवरेज लाइन डालने के नाम पर कई जगहाें पर सड़कें उखाड़ी गई। तब लाेगाें काे बताया गया कि सीवर लाइन डालने का काम जैसे ही पूरा हाेगा, तुरंत बाद सड़कें बना दी जाएंगी।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। एलएंडटी कर्मी सीवर डालने के बाद पुन: उक्त गलियाें की सुध लेने गए ही नहीं। ऐसे में अब लाेगाें काे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, फर्म के प्रति आक्राेश व्याप्त हाेने लगा है। लाेगाें का कहना है कि सीवर कंपनी काे सड़क बनानी ही नहीं थी ताे ताेड़ी क्याें। दूसरा काम शुरू करने से पहले लाेगाें काे बताना चाहिए कि कंपनी यदि सड़क ताेड़ती है ताे पुन: सड़कें काैन बनाएगा। गली नंबर 7, 8 ए, 8 बी व आसपास की अन्य गलियाें के करीब 1 हजार लाेग परेशानी से रूबरू हाे रहे हैं।
स्थानीय रजत स्वामी ने बताया कि सितंबर में एलएंडटी ने 3 ई छोटी की गली 7 और 8 को तोड़कर सीवरेज पाइप लाइन डाली थी, उसके बाद 3 माह बाद भी गली नंबर 8 ए पर पत्थर ज्यो का त्यों ही पड़ा है। इससे आवागमन बाधित हो रहा है यहां तक कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इससे मोहल्लेवासियों में भयंकर रोष है। क्षेत्र के लाेगाें ने अनेक बार एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों से संपर्क भी किया, जहां से जवाब मिला कि उक्त सड़क को सीसी रोड ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जाएगा, ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा कंपनी को सीसी रोड बनाने का लिखित प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन आज तक सीसी सड़क नहीं बनी है। स्वामी ने बताया कि यदि दाे दिन में सड़क निर्माण नहीं किया गया, तो इस मामले में कलेक्टर को मिलकर ज्ञापन दिया जाएगा तथा एलएंडटी के खिलाफ कार्रवार्ई की मांग करेंगे।
लोग बोले- जहां भी काम करवाएं, वहां बाेर्ड लगाएं
क्षेत्र के लाेगाें ने बताया कि सीवरेज का काम शुरू करने के दाैरान कुछ लाेग जरूर बताने आते हैं कि सीवर का काम चलेगा। लेकिन बाद में काॅलाेनी के एंट्रेंस पर काेई बाेर्ड या अवराेधक नहीं लगाया जाता है। गली से हाेकर आवागमन करने वाले लाेगाें काे पता ही नहीं हाेता कि गली बंद है, ऐसे में एलएंडटी काे चाहिए कि जहां काम करवाया जाए, वहां बाेर्ड लगाया जाए। बाेर्ड पर कार्य, काम पूरा हाेने की अवधि, संबंधित अधिकारी, ठेकेदार के नंबर आदि अंकित हाेने चाहिए। ताकि परेशानी की स्थिति में संबंधित से संपर्क कर मदद ली जा सके, लेकिन ऐसा हाेता नहीं है। इलाके में पूर्व में भी कई जगहाें पर काम के दाैरान लाेगाें द्वारा ही अपने स्तर पर कार्य के संबंध में सावचेत किया गया।
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