नियम : 3 से अधिक मौत पर कलेक्टर-एसपी जांच करेंगे, सच: 103 में 66 हादसे बिना जांच, रिपोर्ट एक भी नहीं

(नरेश वशिष्ठ). प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में भी दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। गत दस महीने में प्रदेश में 15 हजार 220 सड़क हादसों में 7 हजार 236 लोगों की जान गई है तो 13 हजार 334 लोग घायल हुए हैं। 15 हजार 220 सड़क हादसों में 103 हादसों में तीन से अधिक लोगों की मौत हुई है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत सड़क दुर्घटना में तीन या तीन से अधिक लोगों की मौत होने पर जिला प्रशासन, पुलिस और रोड इंजीनियर की संयुक्त टीम के तहत जांच करनी होती है, लेकिन प्रदेश में 103 घटनाओं में से मात्र 37 हादसों की संयुक्त टीम की ओर से जांच की गई है। 66 सड़क दुर्घटना की जांच नहीं होने के हादसा के कारणों को पता नहीं चला है। इतना ही नहीं संयुक्त जांच नहीं होने से सड़क हादसा होने के कारणों का निवारण भी नहीं हो रहा है।

रिपाेर्ट नहीं आने से हाेने वाले नुकसान
रिपोर्ट नहीं आने से दुर्घटना के कारणाें का पता नहीं चलता है। रिपोर्ट आने से दुर्घटना ड्राइवर-राेड इंजीनियरिंग और वाहन में गलती की वजह से हुई है या नहीं, इसका पता चल जाता है। इसके अलावा राेड साइनेज, राेड इंजीनियरिंग का काम नहीं हाे पाता है। ये सब नहीं हाेने से उस जगह पर एक के बाद एक हादसा हाेते रहते हैं।
मौतों में अलवर नंबर वन, दूसरे पर जयपुर ग्रामीण
सात महीने में सबसे अधिक हादसों में मौतें अलवर में हुई हैं। जनवरी से अक्टूबर तक 412 लोगों की जान गई। दूसरे नंबर पर जयपुर ग्रामीण है। यहां पर 385 मौतें हुई। तीसरे नंबर पर उदयपुर में 381 तो चौथे नंबर पर भीलवाड़ा में 294 लोगों की जान गई है। सबसे अधिक 928 दुर्घटना भी अलवर में हुई है। दुर्घटना में दूसरे नंबर पर 843 के साथ उदयपुर तो तीसरे नंबर पर 806 के साथ अजमेर है।

कलेक्टर-एसपी के नेतृत्व में जांच
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के तहत जिला सड़क सुरक्षा समिति बनी हुई होती है। इस समिति का चेयरमेन जिला कलेक्टर और वाइस चेयरमैन एसपी होता है। इस कमेटी के माध्यम से जांच करके रिपोर्ट प्रदेश स्तर की बनी रोड सेफ्टी सेल को भेजनी होती है, लेकिन जिला प्रशासन इन मामलों को गंभीर नहीं ले रहा है। ऐसे में खामियां नहीं मिलने से हादसे रोकना चुनौती है।

^ दुर्घटना के बाद रिपोर्ट भेजने के लिए मैंने सभी आरटीओ-डीटीओ काे पत्र लिख कर पाबंद किया है। फिर भी रिपोर्ट नहीं आ रही है ताे संबंधित अफसर पर कार्रवाई की जाएगी। एजेंडे में सड़क सुरक्षा मुख्य बिंदु रखा गया है।
-रवि जैन, शासन सचिव एवं आयुक्त, परिवहन

वर्ष दुर्घटना घायल मौतें
2012 22969 9022 9528
2013 23592 18546 9724
2014 24628 27453 10289
2015 24072 26153 10510

2016 23066 24103 10465
2017 22111 22071 10444
2018 21743 21547 10320
2019 19850 19581 8719
2020 15220 13334 7236



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Rule: Collector-SP will investigate on more than 3 deaths, truth: in 103, 66 accidents without investigation, not a single report


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