(दिलीप सिंह पंवार). शिक्षा विभाग ने कोविड के दौरान कई बार नियमों को बदला है। इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षाएं दे रहे 20 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम में किए गए बदलाव के चलते पहली बार बोर्ड परीक्षा में होमवर्क की इंपोर्टेंस बढ़ गई है। स्टूडेंट्स को अब ऑनलाइन स्टडीज के साथ-साथ इस बार होमवर्क पर भी फोकस रखना होगा। 20% आंतरिक मूल्यांकन के अंक स्टूडेंट्स को हॉफ ईयरली एग्जाम के बजाय होमवर्क के आधार पर ही मिलेंगे।
सभी विषयों को मिलाकर आंतरिक मूल्यांकन के करीब 120 अंक परसेंटेज बनाने में भी महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे। इसलिए बच्चों के साथ-साथ टीचर्स का फोकस भी होमवर्क पर है। शिक्षक रिवाइज्ड सिलेबस के आधार पर नियमित रूप से छात्र-छात्राओं को गृह कार्य दे रहे हैं। सप्ताह में एक बार इस गृह कार्य की जांच की जा रही है।
एजुकेशन डायरेक्टोरेट और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से ऑनलाइन स्टडी के साथ-साथ स्टूडेंट्स को दिए जाने वाले गृह कार्य की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कोरोना के चलते 40 प्रतिशत सिलेबस में कटौती की है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तावित परीक्षा समय के मुताबिक सिलेबस को पूरा कराने के लिए शिक्षकों के पास 5 माह का समय शेष बचा है। 15 मई तक शिक्षकों को 60 प्रतिशत सिलेबस पूरा कराना होगा।
आतंरिक मूल्यांकन के पहले 3 आधार थे, अब सिर्फ गृह कार्य
एक्सपर्ट का कहना है कि स्कूल से मिलने वाले 20% प्रतिशत अंकों का बोर्ड परीक्षाओं में बहुत महत्व होगा। पहले इनका निर्धारण तीन टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और उपस्थिति के आधार पर किया जाता था। टेस्ट और अर्धवार्षिक परीक्षा स्कूल में आयोजित होती थी। अब गृह कार्य करने के लिए अभिभावकों व बड़े बहन-भाइयों से मदद भी ली जा सकती है। ऐसे में विभाग स्टूडेंट्स और अभिभावकों को यह भी समझाने का प्रयास करे कि जितना अच्छा, सही और समय पर गृह कार्य किया जाएगा उतने ही अधिक अंक मिलेंगे।
मार्च की जगह मई में होगी बोर्ड परीक्षा
कोरोना में संक्रमण के चलते इस बार बोर्ड परीक्षा की आयोजन अवधि में बदलाव किया गया है। 10वीं व 12वीं की परीक्षा इस साल मई में होगी। परीक्षा की संभावित समय अवधि को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम को हर माह के होम वर्क में विभाजित कर छात्रों को देने के आदेश संस्था प्रधानों को दिए गए हैं।
टीचर्स की उपस्थिति पर भी फोकस, शाला दर्पण के जरिए होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
स्कूल में टीचर्स की उपस्थिति की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी शिक्षकों को शाला दर्पण पोर्टल पर उपस्थित मॉड्यूल में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलेवार रिपोर्ट में धौलपुर, जैसलमेर, करौली, जोधपुर और सिरोही जिले की उपस्थिति लगातार पीछे है।
नोटबुक बनेगी और वीकली काम जांचेंगे
संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर विषय अध्यापकों को स्टूडेंट्स को गृह कार्य देना होगा। यह गृह कार्य साप्ताहिक रूप से दिया जाएगा। इसके लिए सब्जेक्ट वाइस स्टूडेंट्स को नोटबुक संधारित करनी होगी। गृह कार्य की जांच संबंधित शिक्षक की ओर से सप्ताह मेें एक बार की जाएगी। सब्जेक्ट टीचर को इसका रिकॉर्ड भी रखना अनिवार्य होगा।
^बोर्ड परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन का आधार गृह कार्य है। सभी स्टूडेंट्स को विषयवार गृह कार्य प्राप्त हो और उसकी जांच हो। इस संबंध में संस्था प्रधानों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।
-सौरभ स्वामी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
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