20 में से 12 पंचायत समितियों में महिला प्रधान के हाथों में रहेगी कमान, दो पूर्व महिला विधायक भी चुनी गईं
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तहत उदयपुर जिले की 20 पंचायत समितियों के प्रधानों का चुनाव गुरुवार को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की मौजूदगी में संपन्न हुआ। जिले की 20 में से 12 पंचायत समितियों में महिला प्रधान चुनकर आई है। इनमें दो पूर्व महिला विधायक भी शामिल है। मावली में पूर्व विधायक पुष्कर लाल डांगी प्रधान बने हैं। वल्लभनगर पंचायत समिति में भाजपा के देवीलाल नंगारची निर्विरोध निर्वाचित हुए।
गिर्वा में कांग्रेस की पूर्व विधायक सज्जन देवी कटारा, कुराबड़ में भाजपा की कृष्णा मीणा, गोगुंदा में भाजपा की सुंदर देवी, सायरा में कांग्रेस के सवाराम गमेती, बड़गांव में भाजपा की प्रतिभा नागदा, झाड़ोल में कांग्रेस की राधा देवी, फलासिया में कांग्रेस के शंभुलाल, कोटड़ा में भाजपा की सुगना देवी, खेरवाड़ा में कांग्रेस की पुष्पा, नयागांव में कांग्रेस की कमला देवी परमार, ऋषभदेव में कांग्रेस की केसर देवी, सराड़ा में कांग्रेस से सलूंबर की पूर्व विधायक बसंती देवी मीणा, सेमारी में भाजपा के दुर्गाप्रसाद मीणा, जयसमंद में कांग्रेस के गंगाराम, भींडर में निर्दलीय हरिसिंह, सलूंबर में कांग्रेस की गंगादेवी, झल्लारा में कांग्रेस के धुलीराम तथा लसाड़िया पंचायत समिति में भाजपा की लीला देवी मीणा प्रधान घोषित की गई।
सलूंबर में कांग्रेस ने भाजपा में कराई क्रॉस वोटिंग, ऐनवक्त पर अपना प्रधान बनवाया
सलूंबर पंचायत समिति में 21 सीटों में भाजपा को 11 और कांग्रेस को 10 सीटें मिलने के बावजूद यहां कांग्रेस ने भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी करते हुए गुरुवार को अपने प्रधान बनाने में सफलता हासिल कर ली। पंचायत समिति सभागार में प्रधान पद को लेकर हुए मतदान में पूर्व प्रधान गंगा देवी 11 वोट लेकर प्रधान बनी। भाजपा प्रत्याशी सीमा देवी को 10 वोट मिले। नामांकन तक कोई नहीं जान रहा था कि कांग्रेस का प्रधान बनने वाला है। परिणाम ने सभी को चौंका दिया जब पता लगा की कांग्रेस के 10 व भाजपा के 11 सदस्य होने के बावजूद कांग्रेस की गंगा देवी विजय हुई।
क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा भाजपा का खेल, सीटें ग्यारह आई लेकिन वोट दस मिले, हाथ से निकल गई प्रधान की सीट
पंचायत समिति के परिणामों में भाजपा के 11, कांग्रेस के 10 सदस्य निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद फिर से भाजपा का ही प्रधान बनना लगभग तय था। दोनों दल के प्रत्याशी जीत के बाद बाड़ेबंदी में चले गए। भाजपा की तरफ से हुई क्रॉस वोटिंग के कारण एक मत भाजपा का कम होकर कांग्रेस के खाते में चला गया, जिसके परिणाम स्वरूप अंतिम समय में यह उलटफेर नजर आया।
क्रॉस वोटिंग ने बिगाड़ा भाजपा का खेल, सीटें ग्यारह आई लेकिन वोट दस मिले, हाथ से निकल गई प्रधान की सीट
पंचायत समिति के परिणामों में भाजपा के 11, कांग्रेस के 10 सदस्य निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद फिर से भाजपा का ही प्रधान बनना लगभग तय था। दोनों दल के प्रत्याशी जीत के बाद बाड़ेबंदी में चले गए। भाजपा की तरफ से हुई क्रॉस वोटिंग के कारण एक मत भाजपा का कम होकर कांग्रेस
प्रधान पर खींचतान, भाजपा का अंतर्कलह दिखा
सलूंबर पंचायत समिति चुनाव में भाजपा जीती हुई बाजी हार गई, जिससे भाजपा के अंदर चल रहा अंर्तकलह उजागर हो गया। हालांकि क्रॉस वोटिंग किसने की यह जाहिर नहीं किया गया। प्रधान पद को लेकर ही प्रत्याशियों की खींचतान से क्रॉस वोटिंग का अंदेशा जताया जा रहा है।
भाजपा सदस्यों की आंखों में नजर आए आंसू
प्रधान का परिणाम सुनने के बाद भाजपा सदस्यों की आंखों में आंसू बहने लगे। इस दौरान उप प्रधान के मजबूत दावेदार माने जाने वाले देवेंद्रसिंह का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा समर्थक कार्यकर्ता उन्हें कार में बैठाकर वहां से लेकर चले गए।
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