खनन मंजूरी के लिए 2 साल चक्कर लगवाए, फिर 50 रु. हजार मांगे, 20 हजार लेते एईएन व सहायक पकड़े

खनिज विभाग के सहायक अभियंता और कनिष्ठ सहायक काे 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। यह कार्रवाई श्रीगंंगानगर एसीबी टीम ने गुरुवार शाम सुदामानगर में सहायक अभियंता कार्यालय में की। दाेनाें आराेपियाें एईएन छगनलाल व कनिष्ठ सहायक हरिनिवास के खिलाफ कार्यालय में देर रात समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी।

एसीबी के डीआईजी डाॅ. विष्णुकांत ने बताया कि खनिज विभाग के सहायक अभियंता जाेधपुर में भगत की काेठी एरिया में पीली टंकी के पास व हाल रिद्धि सिद्धि काॅलाेनी किराएदार छगनलाल पुत्र मानाराम और कनिष्ठ सहायक हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सुंदरा गांव व हाल तीन ई छाेटी नजदीक 100 फीट राेड की एसीबी कार्यालय में उपस्थित हाेकर डीवाईएसपी वेदप्रकाश लखाेटिया काे शिकायत पेश की। इसमें बताया कि खनिज विभाग के सहायक अभियंता उसकी फाइल पास करने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत का गाेपनीय तरीके से तत्काल सत्यापन करवाया गया। इसमें आराेपी एईएन छगनलाल ने कनिष्ठ सहायक हरिनिवास से 30 हजार रुपए में साैदा तय करने काे कहा।


कनिष्ठ सहायक ने सत्यापन के दाैरान परिवादी से 10 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद एसीबी टीम ने आराेपियाें काे ट्रैप करने की याेजना बनाई। अधिकारियाें ने शेष राशि 20 हजार रुपए देने के लिए नाेटाें पर अदृश्य रसायन लगाकर परिवादी काे भेजा। इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने आराेपियाें के कार्यालय में छापा मारकर कनिष्ठ सहायक और एईएन काे गिरफ्तार कर लिया।

किसान ने 2018 में आवेदन किया था, कहा- खेत में जिप्सम अधिक, खनन करने दो

पीड़ित किसान जरनैलसिंह ने एसीबी अधिकारियाें काे बताया कि उसके खेत चक 6 एएस में जिप्सम की मात्रा बहुत अधिक है। इसलिए फसल नहीं हाे रही थी। इस जिप्सम का खनन कर भूमि सुधार करने के लिए सहायक खनिज अभियंता के सुदामानगर स्थित कार्यालय में 28 सितंबर 2018 काे आवेदन किया था। विभाग के कर्मचारियाें ने उसे इस फाइल के दस्तावेज पूरे करवाने काे दाे साल में 20 से अधिक बार चक्कर लगवाए। बार-बार फाइल में कमियां निकालकर परेशान किया जा रहा था।

अब जब फाइल की सभी कमियां पूरी कर दी गईं ताे स्वीकृति के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर दी। एसीबी टीम ने तुरंत ही गंभीरता दिखाते हुए पीड़ित काे रुपयाें की व्यवस्था करने काे कहा। पीड़ित ने रिश्वत की राशि का इंतजाम किया। इसके बाद एसीबी टीम ने रिश्वत मांगने का सत्यापन करवाकर देर शाम काे आराेपियाें काे गिरफ्तार लिया।

आरएसी के दाे मुख्य आरक्षक बनाए स्वतंत्र गवाह, फिर सात कांस्टेबल की टीम के साथ बिछाया जाल
परिवादी किसान की पीड़ा जानने के बाद डीवाईएसपी वेदप्रकाश लखाेटिया ने मामले की आईजी कार्यालय जाेधपुर अधिकारियाें काे जानकारी दी। आरएसी के दाे मुख्य आरक्षक हंसराजऔर रणजीतसिंह के साथ एसीबी चाैकी से कांस्टेबल संजीवकुमार, सूबेसिंह, भवानीसिंह, दिनेशकुमार, मनजीत चलाना, आशीषकुमार व चालक पंकज की टीम बनाकर ट्रेप के लिए जाल बिछाया। पीड़ित किसान ने रिश्वत की रकम देते ही गाेपनीय इशारा कर दिया। इसके तुरंत बाद छापेमारी कर दाेनाें काे काबू कर लिया।


आरोपी एईएन और कनिष्ठ सहायक के यहां शहर और जाेधपुर मकान पर देर रात तक तलाशी जारी
खनिज विभाग के सहायक अभियंता और कनिष्ठ सहायक के ट्रेप हाेने के बाद एसीबी श्रीगंगानगर की दाे टीमें आराेपियाें के श्रीगंगानगर स्थित आवास पर सर्च करने गईं। एईएन छगनलाल के जाेधपुर स्थित आवास पर भी सर्च करने काे जाेधपुर एसीबी टीम काे भेजा गया है। श्रीगंगानगर में एईएन रिद्धि सिद्धि काॅलाेनी और कनिष्ठ सहायक हरिनिवास 100 फीट राेड पर तीन ई छाेटी में रहता है। एसीबी टीमें खबर लिखे जाने तक मकानाें पर सर्च कर रही थीं।



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It took 2 years for mining clearance, then 50 rupees. Asked for a thousand, took AEN and assistant taking 20 thousand


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