राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील ने थर्ड ग्रेड टीचर 2004 के लंबित वादकरण के विधिक व न्यायिक निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष परसराम तिवाड़ी ने बताया कि आरपीएससी द्वारा थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती 2004 में राज्य में लागू आरक्षण नियमों की पालना नहीं की गई, जिससे आरपीएससी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 2812 योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रहना पड़ा।
हाईकोर्ट वंचितों के पक्ष में फैसला दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट आरपीएससी की एसएलपी खारिज कर चुका है। इसके बावजूद आरपीएससी का कार्मिक विभाग व शासन के उन पत्रों, जो कोर्ट आदेशों पर लागू नहीं होते तथा आयोग जिनको फुल कमिशन में शून्य मान चुका है। उनका हवाला देकर हर बार गलत निस्तारण कर रहे हैं।
आरपीएससी के विशिष्ट प्रकोष्ठ के उपसचिव ने निस्तारण पत्र में ये स्वीकार किया है कि महिलाओं को वर्टीकल आरक्षण का लाभ दिया गया था, जबकि भर्ती का विज्ञापन व राज्य में लागू आरक्षण नियम महिलाओं को होरिजोंटल आरक्षण का लाभ देने के निर्देश देते हैं। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मेहकराम विश्नोई ने कहा कि सरकार को इस संबंध में उचित निर्णय ले।
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