पाकिस्तान से आकर अजमेर में रहने वाले 8 लोगों को मंगलवार को एडीएम सिटी कार्यालय में भारतीय नागरिकता दी गई। नागरिकता मिलने पर सभी खुश नजर आए। नागरिकता पाने वाले 7 लोग एक ही परिवार से हैं, जबकि 1 महिला एक अलग परिवार से है। एडीएम सिटी विशाल दवे ने सभी को नागरिकता प्रदान करते हुए प्रमाण पत्र दिए। पुलिस लाइन निवासी उमेशराज सोनी ने बताया कि उनका परिवार पाकिस्तान के कराची में रहता था।
2001 में वह आए थे, इसके बाद उनका परिवार 2004 में अजमेर आ गया। 16 सालों से परिवार भारतीय नागरिकता पाने के लिए प्रयासरत था। राज्य सरकार से गत 26 नवंबर को उन्हें नागरिकता मिलने की सूचना मिली थी। मंगलवार को एडीएम सिटी विशाल दवे ने उनके परिवारजनों को नागरिकता प्रदान की। यह उनके लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि बिना नागरिकता उन्हें परेशान होना पड़ रहा था। अब वे खुश हैं।
इनको मिली नागरिकता
पुलिस लाइन में रहने वाले हंसराज सोनी, रामादेवी, उमेशराज, किरण देवी, कविता , सारिका, नीलम तथा अजय नगर में रहने वाली रीना को नागरिकता दी गई।
नागरिकता पाने वालों के लिए बने कौंसिल
भारतीय सिंधु सभा के प्रदेश राष्ट्रीय मंत्री महेंद्र कुमार तीर्थानी ने बताया कि अभी भी अजमेर में सिंधी समाज के कुछ लोगों को नागरिकता मिलना बाकी है, उन्हें भी नागरिकता देकर राहत देनी चाहिए। सभा की ओर से नागरिकता पाने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार से एक कौंसिल गठन करने की मांग रखी गई है, ताकि ऐसे परिवारों की शिक्षा, रोजगार सहित अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। भारतीय सिंधु सभा पाकिस्तान से आए परिवारों को नागरिकता दिलाने के क्षेत्र में लंबे समय यह कार्य करती आ रही है। केंद्र सरकार की ओर से आयोजित मीटिंग में नागरिकता पाने के लिए आवेदन करने वाले परिवारों का पक्ष भी रखती है।
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