12 माह की ‘वेदिका’ न केवल सुन बल्कि बोल भी सकेगी, कम उम्र की बच्ची के दोनों कान में लगाया कॉक्लीयर इंप्लांट
(सुरेन्द्र स्वामी). बीकानेर निवासी एक साल की जन्म से बहरेपन का शिकार ‘वेदिका’ आने वाले दिनों में न केवल सुन बल्कि बोल भी सकेगी। एसएमएस अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने पहली बार एक साल की उम्र की बच्ची का कॉक्लीयर इंप्लांट किया है। एसएमएस में 5 नवंबर को ऑपरेशन के बाद 30 नवंबर को मशीन को ऑन किया है।
ऑपरेशन करने वाले डॉ.मोहनीश ग्रोवर व डॉ.राहुल ने सबसे कम उम्र व दोनों कान में कॉक्लीयर इंप्लांट लगाने का प्रदेश में पहला मामला है। इसे राष्ट्रीय स्तर के जरनल में प्रकाशित करने के लिए भेजा जाएगा। ऑपरेशन डॉ.मानप्रकाश शर्मा, डॉ.सुनीता अग्रवाल, डॉ.सुनील समधानी के निर्देशन में हुआ। एनेस्थीसिया डॉ.सुनीता मीणा, डॉ.ऊषा बाफना का विशेष सहयोग रहा है। विश्व विकलांगता दिवस हर साल 3 दिसंबर को मनाया जाता है।
साढ़े चार माह की उम्र में ही पता चल गया था
बच्ची के पिता डॉ. अर्जुन व्यास और मां प्रेरणा व्यास का कहना है छोटी उम्र में ही पता लग गया था कि बच्ची के सुनने में दिक्कत है। लेकिन हमने हार नहीं मानी। डॉक्टरों को दिखाने पर इतनी छोटी उम्र में कॉक्लीयर इंप्लांट के लिए मना कर दिया। हमारी सभी से अपील है कि जिनके बच्चों को सुनने की दिक्कत है, उन्हें कम उम्र में ही ऑपरेशन कराना चाहिए। क्योंकि परिणाम अच्छे आते हैं।
कहां - कितने कॉक्लीयर इंप्लांट
एसएमएस जयपुर600
एसपीएम बीकानेर105
एसएन जोधपुर150
आरएनटी उदयपुर20
जयपुरिया अस्पताल15
सर्वे में खुलासा : चिकित्सा विभाग द्वारा जयपुर समेत विभिन्न जिलों में अप्रैल से सितंबर तक कराए सर्वे में बच्चों में अनेक बीमारियां मिली हैं। एनपीपीसीडी के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ.निर्मला शर्मा का कहना है जयपुरिया अस्पताल समेत 21जिला अस्पतालों में तो सुनने की क्षमता की जांच होने लगी है। शेष जिलों में काम प्रोसेस में है। मार्च से कोरोना महामारी के चलते स्क्रीनिंग शिविर में संक्रमण फैलने के चलते प्रभावित हो रहा है।
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