महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजनांतर्गत गांवों में चल रहे कार्याें से अब श्रमिकों ने दूरी बनानी शुरू कर दी है। आलम यह है कि निकटवर्ती ग्राम गनाहेड़ा में दो अलग-अलग जगह स्वीकृत नरेगा कार्याे के लिए ग्राम पंचायत की ओर से 110 श्रमिकों को लगाया था। मजदूरी करने के लिए केवल 40 मजदूर ही आ रहे हैं। बाकी श्रमिक एक दिन भी काम करने नहीं आए।
इसका खुलासा सोमवार को एसडीओ दिलीप सिंह राठौड़ की ओर से ग्राम गनाहेड़ा में मनरेगा योजना के तहत चल रहे दो कार्याे के किए गए निरीक्षण में हुआ। एसडीओ राठौड़ ने पहले ग्राम गनाहेड़ा स्थित भैरू नाड़ी में चल रहे नरेगा कार्य का निरीक्षण किया तथा श्रमिकों की उपस्थिति जांच की। मस्टरोल में 60 श्रमिकों के नाम लिखे थे। मौके पर केवल 27 श्रमिक काम करते हुए मिले।
जानकारी चाहने पर मेट ने बताया कि काम 4 दिनों से चल रहा है। बाकी श्रमिक एक दिन भी काम पर नहीं आए। इसी प्रकार ग्राम पंचायत गनाहेड़ा के नाला पुष्कर ग्राम स्थित चरागाह भूमि पर चल रहे नाड़ी खुदाई कार्य के मस्टरोल में 50 श्रमिकों के नाम लिखे थे। एसडीएम को मौके पर केवल 13 मजदूर उपस्थित मिले। बाकी मजदूर एक दिन भी काम करने नहीं आए। यानी 110 मजदूरों का काम बीते चार दिनों से केवल 40 श्रमिकों के भरोसे चल रहा है।
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