कोरोना वैक्सीन अभी नहीं आई है, जल्दी ही उसके अंतिम परीक्षण के बाद आने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देश पर भरतपुर जिले में भी तैयारियां शुरू हो गई। यहां एक करोड़ 18 लाख वैक्सीन की डोज रखे जाने की व्यवस्था कर ली गई है। इसकी डोज लगाने के लिए वैक्सीन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां 3 कमरों की जरूरत होगी।
इन सभी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने के प्रयास किए जा रहे हैं। वैक्सीन रखने के लिए जिला स्तर पर एक डब्ल्यूआईसी है, जिसकी क्षमता 16 हजार 500 लीटर है। एक लीटर में 360 एमएल वैक्सीन स्टोरेज की जा सकेगी। यहां 4 आईएलआर भी हैं, जिनकी क्षमता 360 लीटर की है। इसके अलावा पशुपालन विभाग के पास डब्ल्यूआईसी एवं डब्ल्यू आईएफ एक-एक मौजूद हैं, जिन्हें भी जरूरत पड़ने पर काम में लिया जा सकेगा।
कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए तीन कमरों की व्यवस्था होगी : सीएमएचओ
कार्यवाहक सीएमएचओ डा. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इस प्रकार जिला मुख्यालय पर करीब एक करोड़ 18 लाख वैक्सीन की डोज भंडारण किए जाने की व्यवस्था कर ली गई है। इसके अलावा जिले में 58 कोल्ड चेन प्वाइंट हैं, जहां वैक्सीन को एक निश्चित तापमान पर स्टोर करने के साथ ही संबंधित सीएचसी-पीएचसी पर जल्दी पहुंचाया जा सकेगा।
वैक्सीन सेंटर, जहां लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए तीन कमरों की व्यवस्था की जाएगी। पहला कमरा वेटिंग रूम के लिए होगा, जहां लोगों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए बैठाया जाएगा। दूसरा कमरा वैक्सीन रूम होगा और तीसरा ऑव्जर्वेशन या निगरानी का रूम होगा, जहां टीकाकृत किए गए लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए 30 मिनट के लिए रोका जाएगा।
जिससे कोई टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना न हो और चैक किया जा सके। यहां टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए एनाफाइलेक्सीस किट एईएफआई कमेटी के पास तैयार रहेगी। टीकाकरण बूथ इलैक्शन बूथ की तरह स्थापित किए जाएंगे। जिसमें सात कार्मिक रहेंगे। इनमें 2 टीकाकर्मी, एक डेटा एवं रिकॉर्ड सहायक, एक लॉजिस्टिक सहायक, 2-3 व्यक्ति भीड़ नियंत्रण करने के लिए कार्य करेंगे।
विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा
जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी, उनका विवरण ऑनलाइन सॉफ्टवेयर कोविन पर इंद्राज किया जाएगा। वैक्सीन लगाने का काम करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा कोविड टीकाकरण से संबंधित कोल्ड चैन व माइक्रोप्लानिंग का भी समय-समय पर रिव्यू किया जाएगा। तैयारियों के संबंध में इस माह जिला टास्क फोर्स की बैठक दो हो चुकी हैं, जो कि 2 दिसंबर व 14 दिसंबर को कलेक्ट्रेट में हुई। इसके अलावा ब्लाक स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लाक टास्क फोर्स गठित कर मीटिंग आयोजित की जा चुकी हैं।
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