लालीवाव मठ में भगवान पद्मनाभ काे लगाया छप्पन भाेग, किया विशेष शृंगार

शहर के श्रीरघुनाथ मंदिर और प्राचीन लालीवाव मठ सहित मंदिरों में दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट और आरती के कार्यक्रम हुए। लालीवाव मठ में छप्पन भोग धराए गए और भगवान की मूर्ति का मनोहारी श्रृंगार करने के साथ ही निज मंदिर में विधि विधान पूर्वक 1100 वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए दीपावली पर विशेष रूप से आरती उतारी गई।

वहीं शहर के ऐतिहासिक तपोभूमि लालीवाव मठ में प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी रविवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर भगवान पद्मनाभ की विशेष श्रृंगार किया गया व छप्पन भोग धराए गए। लालीवाव मठ में शाम को महामंडलेश्वर हरिओमदास महाराज ने भक्तों को गोवर्धन पूजन का महत्व बताया। उन्होंने कहा की एक बार गोकुलवासी इंद्र की उपासना की तैयारी कर हठपूर्वक गोवर्धन की पूजा कराई।

इससे नाराज हुए इंद्र ने घनघोर वर्षा शुरु कर दी। इससे गांववासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर इस पर्वत को उठा लिया, इसके बाद से गोवर्धन की पूजा होने लगी। उन्होंने कहा की गोवर्धन वाले दिन गोवर्धन की परिक्रमा का विशेष महत्व है। इससे जीवात्मा के सभी पाप कर्म नष्ट होते हैं।

इसके बाद मठ में राज्य सरकार के नियमानुसार एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए सभी भक्तों ने अन्नकूट का महाप्रसाद ग्रहण किया। इधर भावसार समाज की ओर से गांधी मूर्ति सर्किल के समीप हनुमान मंदिर में अन्नकूट के तहत छप्पन भोग धराए और विशेष आरती की गई।

विश्वकर्मा मंदिर में अन्नकूट महोत्सव मनाया
नूतन वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को बड़ोदिया कस्बे में स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर परिसर को सजाया गया। साथ ही त्रिनेत्रधारी जगत सृष्टा भगवान श्री विश्वकर्मा, वेदमाता गायत्री और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का आकर्षक शृंगार किया गया। इस मौके पर विशेष दीपमालिका सजाई गई और विशेष पूजा-अर्चना के साथ रविवार शाम महाआरती का आयोजन किया गया। पंडित नवीन पानेरी ने महाआरती उतारी। इस महाआरती में सभी समाजजन मौजूद रहे।



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Lord Padmanabha chalked fifty six in Laliwav monastery, did special dressing


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