मेडिसिन आईसीयू में आगजनी मामले में दाेषियाें पर कार्रवाई की मांग, धरने पर बैठे टंडन,मृतक के परिजनाें काे मुआवजा देने के लिए मुख्यमंत्री काे भेजा पत्र
जेएलएन अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में 8 नवंबर काे हुई आगजनी के मामले में दाेषियाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग काे लेकर एडवाेकेट राजेश टंडन बुधवार काे जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। टंडन ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ फाैजदारी मुकद्दमा दर्ज करने की मांग करने के साथ मृतक मरीज के परिजन काे मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
इस मामले काे लेकर मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत के नाम जिला कलेक्टर काे पत्र भी साैंपा गया। जिसमें जाेधपुर में हुई घटना का हवाला देते हुए बताया कि वहां जब मुआवजा राशि दी गई ताे अजमेर में अलग नियम कैसे चलाया जा रहा है।
आराेपी ही अपनी जांच कैसे कर सकता है
एडवाेकेट टंडन ने बताया कि आईसीयू में आगजनी के बाद हुई जांच में पता चला कि वार्ड में अग्निशमन यंत्र तक नहीं था। इस कारण समय पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन यंत्र नीचे माेर्चरी के निकट लगे हुए हैं लेकिन वह चालू नहीं हाे सके। अस्पताल में लंबे समय से इलेक्ट्रिशियन नहीं है। तीन कार्मिक ठेके पर लगे हुए हैं।
जिन लाेगाें के खिलाफ जांच की जानी थी उन लाेगाें काे ही टीम का सदस्य बनाए जाने काे लेकर भी उन्हाेंने आपत्ति जताई है। उन्हाेंने कहा कि आराेपी अपनी जांच कैसे कर सकता है। इस कारण बाहरी लाेगाें से जांच हाेनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री काे भेजे पत्र में टंडन ने कहा कि अस्पतालाें में लगे डाॅक्टराें के नियमाें के तहत तबादले हाेने चाहिए।
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