सरकारी सेवारत डॉक्टरों ने प्राइवेट अस्पतालों में जाकर मरीज देखे तो कार्रवाई की जाएगी। ये डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल में जाकर न तो ऑपरेशन कर सकेंगे और न ही प्राइवेट डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर जांच। अगर अपने घर पर मरीज देखेंगे तो सरकार की ओर से निर्धारित फीस ही मरीज से ले सकेंगे। ज्यादा फीस लेने की शिकायत मिली तो जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
संबंध में चिकित्सा विभाग के निदेशक ने मंगलवार को सभी सीएमएचओ व पीएमओ को आदेश जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि जो डॉक्टर नॉन प्रेक्टिस अलाउंस नहीं ले रहे हैं, वे अपने आवास पर मरीज देखेंगे तो निर्धारित परामर्श शुल्क ही लेंगे। शुल्क की सूचना और दर परामर्श कक्ष के बाहर प्रदर्शित करेंगे।
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