तखतगढ़ थाना क्षेत्र के गोगरा गांव में एक पशुपालक की माैत का मामला दूसरे दिन बुधवार काे समझाइश से शांत हाे गया। मंगलवार काे परिजनाें ने आराेप लगाया था कि कंपाउडर द्वारा ओवरडाेज देने से पशुपालक की माैत हुई। उनका आरोप था कि कंपाउडर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने तक वे शव नहीं लेंगे।
बुधवार काे दाेनाें पक्षाें के बीच समझाैता हाेने के बाद मृतक के भतीजा ने दर्ज कराई रिपाेर्ट में बताया कि उसके चाचा पहले से ही बीमार थे, जिसके कारण उनकी माैत हुई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर बुधवार काे 24 घंटे बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार काे गोगरा निवासी सूजाराम ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसके चाचा जामाराम पुत्र धन्नाराम देवासी मालवा में पशुपालन कर रहे थे। परिवार में एक सामाजिक कार्यक्रम को लेकर दीपावली पर गोगरा गांव आए हुए थे। मंगलवार को हल्की खांसी व बुखार आने पर वे उसे हिंगाेला के स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां संविदा कंपाउडर वीरेंद्र जाट ने अत्यधिक दवाइयां दी और गलत इंजेक्शन लगाया, जिसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर तखतगढ़ अस्पताल लेकर गए।
जहां डाॅक्टर ने जामाराम काे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना पर बुधवार को मालवा से परिजन भी पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड गठित करवाया। बुधवार को केन्द्र के चिकित्सक अमीत गुसायवाल एवं विजेंद्र जीनगर के दल ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मृतक के विसरा जांच के लिए भिजवाया गया है। मृतक के चार बेटियां एवं एक बेटा है। घटना की जानकारी मिलते ही दुजाना के पूर्व सरपंच एवं बांकली मंडल अध्यक्ष नागेश देवासी, पाली डेयरी अध्यक्ष प्रतापसिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष देवाराम चौधरी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे।
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