लॉयन न्यूज़, बीकानेर।
भाईदूज का त्योहार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। साल 2020 में भाईदूज के पर्व का समय 16 नवंबर की सुबह 7 बजकर 10मिनट से 17 नवंबर की सुबह 3 बजकर 56 मिनट तक है। प्रख्यात ज्योतिषी पंडित मनोज व्यास ने बताया कि इस साल टीके का शुभ मुर्हूत दिन 12:55 से 03:09 तक है।
हिन्दू धर्म में भैया दूज का विशेष महत्व है। इस पर्व को ‘यम द्वितीया’ और ‘भ्रातृ द्वितीया’ भी कहा जाता है. रक्षाबंधन के बाद भैया दूज दूसरा ऐसा त्योहार है जिसे भाई-बहन बेहद उत्साह के साथ मनाते हैं. जहां, रक्षाबंधन में भाई अपनी बहन को सदैव उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं वहीं भाई दूज के मौके पर बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। कई जगहों पर इस दिन बहनें अपने भाइयों को तेल लगाकर उन्हें स्नान भी कराती हैं। यमुना नदी में स्नान कराना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर यमुना में स्नान संभव न हो तो भैया दूज के दिन भाई को अपनी बहन के घर नहाना चाहिए।अगर बहन विवाहित है तो उसे अपने भाई को आमंत्रित कर उसे घर पर बुलाकर यथा सामर्थ्य भोजन कराना चाहिए। इस दिन भाइयों को चावल खिलाना अच्छा माना जाता है। अगर सगी बहन नहीं है तो ममेरी या चचेरी बहन के साथ भी इस त्योहार को मनाया जा सकता है।
पंडित मनोज व्यास बताते हैं कि इस त्योहार का संदेश यही है कि भाई-बहन के बीच प्यार हमेशा बना रहना चाहिए. चाहे दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में कितने ही व्यस्त क्यों न हों लेकिन एक-दूसरे के साथ कुछ पल तसल्ली के जरूर गुजारने चाहिए.चाहिए।

टिप्पणियाँ