एक दिसंबर से भक्तों के लिए खुलेगा गोविंददेव जी मंदिर, लॉकडाउन से अब तक केवल ऑनलाइन ही दर्शन दे रहे है ठाकुर जी
लॉकडाउन से बंद पड़े शहर के आराध्यदेव गोविंद देव जी मंदिर के द्वार एक दिसंबर से भक्तों के लिए फिर खुलने जा रहे है। लगभग 254 दिनों बाद भक्त ठाकुर जी को मंदिर जाकर देख सकेंगे। हालांकि इस बार ठाकुर जी के दर्शन नजदीक से न होकर लगभग 50 फीट की दूरी से ही करने होंगे।
जी हां मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को न तो गर्भग्रह में जाने की अनुमति होगी और न ही गर्भ ग्रह के सामने बने मुख्य पाण्डाल में। मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के लिए बैरिकेट्स लगाए है, ताकि दर्शक दूर से ही भगवान के दर्शन कर मौके से ही वापस लौट जाए। बिना मास्क मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर परिसर प्रवेश करने के बाद लोगों को जूते-चप्पल खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह सीधे ही मंदिर प्रांगण में प्रवेश कर दूर से दर्शन कर वापस लौट जाएगा। इस दौरान सामान्य दिनों की तरह लड्डू, प्रसाद भंडार, तुलसी-चंदन वितरण और मंदिर की परिक्रमा को बंद रखा जाएगा।
8 माह से बंद है मंदिर
जयपुर में गोविंददेव जी का मंदिर को लेकर लोगों में ज्यादा आस्था है। लेकिन कोरोना के संक्रमण का दौर जब शुरू हुआ तब मंदिर प्रबंधन ने 22 मार्च से इसे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया। कृष्ण जन्माष्टमी पर भी मंदिर भक्तों के लिए पूरी तरह बंद रहा। हालांकि राज्य सरकार ने अक्टूबर से मंदिरों को खोलने की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने इसे कार्तिक मास के बाद ही खोलने का निर्णय किया था।
मंगला झांकी में आते है 50 हजार से ज्यादा लोग
ठाकुर जी के प्रति श्रद्धालुओं का आस्थ कितनी गहरी है ये तो मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक होने वाली विभिन्न झांकियों में देखने को मिलता था। सुबह 4 से 5 बजे होने वाली पहली मंगला झांकी में ही लगभग 50 हजारों से ज्यादा श्रद्धालुओं का मूवमेंट होता था।
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