देव उठने के साथ ही बुधवार से शहर में शादियों का आगाज हो गया। पहले ही दिन कोरोना के संक्रमण के खतरे के बावजूद बंपर शादियां हुईं। शहर में 300 से ज्यादा शादियों की प्रशासन को सूचना मिली है। इस आधार पर आयोजन स्थलों व मैरिज गार्डन की चैकिंग करने के लिए ‘सरकारी बाराती’, यानी प्रशासन व पुलिस टीम अपने इलाकों में पहुंचीं।
अपराह्न 4 बजे बाद ये टीमें अपने एरिया के शादी समारोह स्थल पर पहुंची। यहां वर व वधू पक्ष, दोनों को एडवाइजरी का शगुन दिया। प्रशासन के इस नोटिस में आयोजकों को हिदायत दी गई कि- वे कोरोना प्रोटोकॉल व शादी के आयोजन को लेकर सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन की पालना करें। यहां पर गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था भी जांची गई।
कलेक्टर इंद्रजीतसिंह ने बताया कि इनफोर्समेंट की पालना करवाने के लिए प्रशासन, नगर निगम व पुलिस की टीमें अपने इलाके के स्थलों की जांच कर रही है। इसमें किसी भी तरह की कोताही सामने आने पर ये टीमे 25 हजार जुर्माना वसूलने, प्रकरण दर्ज करने और भवन को सीज करने की कार्रवाई करेगी।
एडवाइजरी का शगुन, अनुरोध भी किया, चेताया भी
- विवाह आयोजन में भाग लेने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 100 होगी। दोनों पक्षों के मेहमान मिलाकर।
- कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेसिंग की पालना करनी होगी। दो जनों के बीच दो गज की दूरी रखकर सीटिंग करनी होगी।
- फेस मास्क पहनना जरूरी होगा। ‘नो मास्क नो एंट्री’ की पालना करवानी होगी। इसका बोर्ड लगाने की जांच की गई।
- मेहमानों की स्क्रीनिंग, प्रवेश व निकासी गेट, कॉमन एरिया में हैंड वॉश एवं सेनेटाइज की व्यवस्था।
- कुर्सियों, सामान्य सुविधाओं व मानव संपर्क में आने वाले रेलिंग, डोर हैंडल्स, फर्श की बार-बार सफाई करवानी होगी।
- प्रत्येक प्रवेश द्वार पर थर्मल स्केनिंग की व्यवस्था जरूरी होगी। आने वाले मेहमानों के नाम, मोबाइल नंबर तथा उनके शरीर के तापमान का रिकाॅर्ड रखा जाएगा। जिससे सक्षम अधिकारी द्वारा मांगे जाने पर पेश करना जरूरी।
महामारी ने मैरिज के मायने-रस्म यूं बदले

लंबी-चौड़ी बारात की जगह महामहारी काल में सुरक्षा के लिए सीमित बाराती ही बुलाए गए। शहर के जालोरी गेट से गुजरती ऐसी ही एक बारात।
मंच पर भी मास्क नहीं उतरा

शादी में स्टेज दूल्हा-दुल्हन के साथ फोटोग्राफी व उन्हें देखने को होता है, लेकिन यहां भी जोड़ों ने मास्क पहने रखा।
मास्क पहनाना भी अब रस्म बना

कोरोनाकाल में होती एक शादी में दूल्हा-दुल्हन के आपस में मास्क पहनाने को भी एक रस्म के तौर पर निभाया गया। लोगों ने इस संकटकाल में भी शादियों की सरसता बनाए रखने की कोशिश की। इसके अंतर्गत बारातियों का स्वागत सेनेटाइजर से किया गया। उन्हें स्वागत में मास्क बांटे गए। इसके साथ ही आपस में मिलने-जुलने के दौरान भी दूर रहकर ही नजदीकियां निभाई गईं। इतना ही नहीं रस्मों में भी मास्क पहनाने को एक नए रिवाज के रूप में अपनाया गया।
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