दिवाली के त्योहार के अगले दिन गोवर्धन महाराज की पूजा की परंपरा द्वापर काल से चली आ रही है। कोटा में भी पारंपरिक तरीके से गोवर्धन पूजा आयोजित की गई। नयापुरा स्थित दोस्तपुरा इलाके में महिलाओं ने गोवर्धन पूजा की।
गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा
कोरोना संक्रमण का डर भी भक्तों की आस्थाओं को नहीं रोक पाया। महिलाओं के समूह ने घर के आंगन के बाहर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया और पवित्र भाव से भगवान वासुदेव श्रीकृष्ण का ध्यान पूजन किया। ऐसी मान्यता है कि है कि गोवर्धन पूजन करने से घर मे सुख शांति रहती है। कष्टों से मुक्ति मिलती है।
जानकारी के अभाव में इस आधुनिक युग में ये प्राचीन परम्पराएं दम तोड़ती जा रही हैं। मैना पारीक ने बताया कि गोवर्धन पूजा में गोबर का उपयोग होने से नई पीढ़ी का रुझान कम होता जा रहा है। गोबर की व्यवस्था करने से लेकर गोवर्धन बनाने तक बुजुर्ग महिलाओं ने इसमें अधिक रुचि दिखाई। महिलाओं ने एक साथ समूह में भगवान की पूजा की।
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