काेराेना ने दाे लाेगाें के हमराह बनने, खुशियाें तथा परिजनाें-परिचिताें के एकत्र हाेने के उत्सव पाणिग्रहण (विवाह) काे भी परीक्षा में बदल दिया है। जी हां, नई गाइडलाइन के अनुसार शादी आयोजन की अनुमति लेने के लिए पहले प्रशासन को सूचना देना, तय संख्या अनुसार मेहमान और आयोजन स्थल की व्यवस्था बताना, रसीद कटवाकर आज्ञा लेना किसी परीक्षा से कम नहीं।
कलेक्ट्रेट में मंगलवार को यह परीक्षा परिणाम जानने उमड़े लोग नहीं, बल्कि शादी आयोजन की अनुमति मिली या नहीं, यह देखते वर एवं वधू पक्ष के चिंतित घरवाले हैं। इन लोगों ने सोमवार को शादी की अनुमति के लिए आवेदन किए थे। जिन्हें अनुमति मिली, उसकी सूची मंगलवार को कलेक्ट्रेट में नोटिस बोर्ड पर लगाई गई।
जिनके यहां 2-4 दिन में शादी, उन्हें ही मिली अनुमति
दिसंबर मध्य तक सावों के सीजन के कारण बड़ी संख्या में विवाह आयोजन की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि मंगलवार को जारी सूची में उन्हीं लोगों को अनुमति मिली जिनके यहां अगले 2-4 दिन में ही शादी है।
आमंत्रण पत्र बांटे, अब धर्मसंकट में पड़े
जिन घरों में अगले कुछ ही दिनों में शादी है और निमंत्रण पत्र तक बांटे जा चुके हैं, वे नई गाइडलाइन से धर्मसंकट में हैं। मेहमानों की संख्या 100 तक सीमित होने से उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब आमंत्रित हुए अतिथियों की संख्या को सीमित कैसे करें।
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