बेसहारा पशुओं की वजह से पहले ही शहरवासी परेशान हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हाे रही हैं। हैरानी की बात यह है कि दिवाली के अवसर पर शहर में लगभग सभी वार्डाें में टैग लगे गाेवंश दिखाई देने लगे हैं। अचानक टैग लगे गाेवंश देखकर शहरवासी भी हैरान हैं। कारण कि नगरपरिषद शहर काे कैटल फ्री करवाने के दावे कर रही है। समय-समय पर गाेवंश उठाए भी गए हैं। लेकिन वर्तमान में शहर में टैग लगे गाेवंश काे देखकर व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
यूआईटी राेड पर रविवार सुबह बालाजी डेयरी के पास गाेवंश की वजह से एक महिला की माैत हाे गई। इससे स्थानीय लाेगाें में आक्राेश व्याप्त है। वार्ड 31 पार्षद कमल नारंग का कहना है कि उनके वार्ड में ही नहीं शहर में अनेक जगहाें पर टैग लगे पशु दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन पशुओं काे नगरपरिषद की नंदीशाला या गाेशालाओं ने ताे नहीं छाेड़ दिया। नारंग ने बताया कि इस संबंध में सभापति करूणा चांडक से मिलेंगे।
सभापति काे उनकी शहर काे कैटल फ्री करवाए जाने की घाेषणा के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। नगरपरिषद ने बाेर्ड बैठक के दाैरान भी 2 हजार गाेवंश काे नरसिंहपुरा गाेशाला में भिजवाने का प्रस्ताव रखा था। यही स्थिति बनी रही ताे इसका लाभ किसी काे भी नहीं मिल सकेगा। यानी टैग लगे पशु शहर में घूमेंगे ताे नगरपरिषद की याेजना पर सवाल उठेंगे ही।
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