कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर से आ रही तेजी को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निजी अस्पतालों को कोविड रोगियों के लिए बैड बढ़ाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर ही इलाज उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं चिकित्सा विभाग की टीम यह सुनिश्चित करे कि लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार को लेकर कोई असुविधा नहीं हो।
गहलोत बुधवार को सीएम निवास पर कोविड-19 समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि त्यौहारी सीजन, शादियाें, प्रदूषण एवं सर्दी के कारण आगामी समय में संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए राजकीय एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियों के अनुरूप अगर मेडिकल प्रोटोकॉल में बदलाव की आवश्यकता है, तो इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित कर मेडिकल प्रोटोकॉल पर अध्ययन करवाया जाए।
आशा सहयोगिनियों को भी दिए जाएंगे पल्स ऑक्सीमीटर
गहलोत ने कहा कि कई मामलों में सामने आया है कि ऑक्सीजन का स्तर अचानक नीचे जाने से लोगों की मृत्यु हो जाती है। इससे बचाव के लिए नियमित रूप से ऑक्सीजन लेवल जांचना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर के एएनएम स्तर तक के चिकित्साकर्मियों को पहले से ही पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाए हैं। अब सभी आशा सहयोगिनियों को भी पल्स ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे ताकि लोग आसानी से अपना ऑक्सीजन लेवल जांच सकें।
गांवों में भी हो रही मौतें, टेस्ट बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में भी कोविड-19 से अब तक 573 मौत हो चुकी हैं जो कुल मौतों का 27% है, इसलिए ग्रामीणजन इस बीमारी को हल्के में ना लें। वे मास्क लगाएं और अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी तरह पालना करें। साथ ही, सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे लक्षण नजर आने पर तुरन्त प्रभाव से जांच कराएं।
उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड रोगियों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बैड उपलब्ध हैं। अगर किसी रोगी को बैड उपलब्ध नहीं होने सहित कोई भी समस्या है तो वह केन्द्रीकृत हैल्पलाइन नम्बर 181 पर सम्पर्क कर सकता है।
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