फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान का राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर पिछले 6 दिन से आमरण अनशन और धरना जारी है। आमरण अनशन पर बैठी महिला स्कूल संचालक सीमा शर्मा की तबीयत रविवार को नाजुक हो गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, अनशन पर बैठी हेमलता शर्मा की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। लेकिन उन्होंने प्रदेश के 50 हजार निजी स्कूलों के 11 लाख शिक्षकों व कर्मचारियों के हित में फैसला नहीं लिये तब तक अनशन जारी रखने का फैसला लिया है।
17 नवंबर के बाद प्रदेश व्यापी चक्का जाम करने की चेतावनी
फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल ऑफ राजस्थान के सदस्यों ने बताया कि लगातार 6 दिन से आमरण अनशन पर दो महिला स्कूल संचालक बैठी हुई हैं और उन्हें यह उम्मीद थी कि दीपावली पर सरकार की तरफ से कोई पहल करते हुए वार्ता के लिए किसी को अनशन स्थल पर भेजा जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
स्कूल संचालकों व शिक्षकों की पीड़ा को लेकर राजस्थान सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार द्वारा कोई भी सकारात्मक पहल नहीं करने पर 17 नवंबर को 33 जिलों से फोरम से जुड़े हुए निजी स्कूल संचालकों द्वारा जयपुर पहुंचकर सरकार को चेताया जाएगा। इसके बावजूद भी यदि सरकार का यही रवैया रहता है तो फिर पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा।
लॉकडाउन के बाद से स्कूलों में फीस माफी मुद्दे के खिलाफ बना है फोरम
गौरतलब है कि राजस्थान में सरकार ने अभिभावकों की मांग पर निजी स्कूलों में फीस लेने पर रोक लगा दी है। इसके विरोध में निजी स्कूल संचालकों की फोरम ऑफ प्राइवेट स्कूल ऑफ राजस्थान ने 5 नवंबर से ऑनलाइन क्लासें भी बंद कर अनिश्चितकालीन स्कूल बंद रहने की भी घोषणा की थी। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि फीस का मु्द्दा कोर्ट में लंबित है। ऐसे में 7 सितंबर 2020 को हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा जारी आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अभिभावकों को नवंबर की बकाया फीस जमा करवाने के लिए कहा जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो राज्य सरकार इन सभी निजी स्कूलों को आर्थिक पैकेज प्रदान करें ताकि वे अपने कर्मचारियों को वेतन प्रदान कर सकें।
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