पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होने के साथ ही कांग्रेस नीमकाथाना व पाटन पंचायत समिति में प्रधान की कुर्सी के लिए बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। मतगणना 8 दिसंबर को होनी है। 10 दिन पहले ही कांग्रेस ने नीमकाथाना व पाटन पंचायत समिति व जिला परिषद वार्डों के उम्मीदवारों को एक रिसोर्ट में कैद कर दिया।
खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस अपने सभी 48 प्रत्याशियों को नीमकाथाना से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। शुक्रवार को दूसरे दौर का मतदान पूरा होने के बाद ही नीमकाथाना से गाड़ियों के जरिए प्रत्याशियों को रवाना किया गया। अब कांग्रेस नेता निर्दलियों को भी तलाश रहे हैं। वहीं कांग्रेस की बाड़ाबंदी के बाद भाजपा में भी हलचल बढ़ गई है।
भाजपा नेताओं ने भी निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क शुरू कर दिया है। भाजपा नेता भी अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी करने की तैयारी में जुट गए हैं। नीमकाथाना पंस में 27 एवं पाटन पंस में 17 सदस्य हैं। जिला परिषद के 6 वार्डों में कांग्रेस के दो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। वहीं बाड़ाबंदी में कांग्रेस जिप के चार प्रत्याशियों को भी ले गई।
जैसे ही नतीजे आएंगे हारे प्रत्याशियों को घर भेज देंगे : जानकारी के मुताबिक नीमकाथाना व पाटन पंचायत पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस-भाजपा में जोरदार संघर्ष बताई जा रही है। चुनावों में दोनों दलों ने पूरी ताकत लगाई है। ऐसे में प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस ने बाड़ाबंदी कर दी। अब जैसे ही नतीजे आएंगे वैसे-वैसे हारने वाले प्रत्याशियों को उनके घर भेज दिया जाएगा। जीतने वाले प्रत्याशियों की संख्या के आधार पर प्रधान को लेकर रणनीति तय करेंगे। कांग्रेस नेता दोनों पंचायत समितियों में प्रधान बनाने के लिए कोई रिस्क नहीं लेंगे।
बनने लगी रणनीति
नीमकाथाना व पाटन में कांग्रेस-भाजपा में प्रधान के लिए संभावित दावेदार रणनीति बनाने में लग गए हैं। चुनावों में कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी व भाजपा के पूर्व विधायक प्रेमसिंह बाजौर की प्रतिष्ठा दांव पर है। ऐसे में दोनों नेता अपने नजदीकी प्रत्याशी को प्रधान के लिए सामने कर सकते हैं। भी दल ने प्रधान के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया था।
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