4 कतारों और 6-6 फीट की दूरी पर बने गोलों में खड़े रहकर गोविंद के दर्शन करेंगे श्रद्धालु

शहर के आराध्य देव गाेविंद देव जी मंदिर के पट 8 महीने से अधिक समय बाद एक दिसम्बर से भक्ताें के दर्शन के लिए खुलेंगे। काेराेना से बचाव काे देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। गाेविंद देवजी के दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश जलेबी चाैक मुख्य गेट और जयनिवास बाग कुएं का गेट से रहेगा।

दाेनाें प्रवेश द्वार पर आयुर्वेदिक सैनिटाइजर रख दिया गया है। साथ ही साेशल डिस्टेंसिंग के लिए जलेबी चाैक गेट की ओर से आने वाले भक्ताें काे चार लाइनाें में और जयनिवास बाग की ओर से आने वालाें काे दाे लाइन में लगकर दर्शन करने हाेंगे। वहीं 6 फीट की दूरी पर गाेले भी बना दिए गए है।

बिना मास्क भक्ताें काे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने भक्ताें से आग्रह किया है कि राेग से ग्रसित व गर्भवती महिलाएं भक्त दर्शनार्थ नहीं आए क्याेंकि भीड़ की आशंका है। वहीं जाे भक्त एक बार दर्शन कर लेवें वाे रेगुलर नहीं आए, ताकि भीड़ नहीं हाे और बाकी भक्ताें काे भी आराध्य के दर्शन हाे सके।

जलेबी चाैक से आने वाले भक्त मुख्य प्रवेश द्वार से करेंगे मंदिर में एंट्री

मंदिर प्रबंधक मानस गाेस्वामी ने बताया कि जलेबी चाैक से आने वाले भक्ताें काे मुख्य प्रवेश द्वार से हाेते हुए आना पड़ेगा। अंदर आकर चार लाइनाें में दर्शन करेंगे। इसमें 6 गज की दूरी पर गाेले बना दिए गए है। उसी तरह जयनिवास बाग से हाेते हुए जाे उनके लिए भी दाे लाइन बनाइ गई है। मास्क पहनकर आएं भक्ताें काे ही प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ की आशंका काे देखते हुए किसी राेग से ग्रसित भक्त या गर्भवती महिलाएं मंदिर में दर्शन करने नहीं आए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जलेबी चाैक से आने वाले भक्त मुख्य प्रवेश द्वार से करेंगे मंदिर में एंट्री


टिप्पणियाँ