शहर में 8 नवंबर को व्यापारी पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों ने व्यापारी पर 6 राउंड गोलियां चलाई थीं। हालांकि, गोली व्यापारी को नहीं लगी थी। बदमाश व्यापारी के परिवार में डर पैदा करके एक करोड़ रुपए की वसूली करना चाहते थे।
8 नवंबर को जवाहर नगर में रहने वाले कारोबारी एलडी मित्तल के दामाद शुभम गुप्ता पर फायरिंग की थी। शुभम ई- ब्लॉक में रहता था। फायरिंग के बाद बदमाश मौेके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने मोहनलाल उर्फ मोनू, भंवरलाल और सौरव पावटा को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि श्रीगंगानगर के कारोबारी एलडी मित्तल को फोन कर 1 करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। इसमें बदमाश द्वारा लॉरेंस विश्नोई गैंग का नाम लिया गया। जब नंबर की डिटेल खंगाली गई तो सामने आया कि सौरभ और भंवरलाल ने मिलकर आरोपी मोहनलाल के लिए किसी फर्जी आधार कार्ड से सिम खरीदी थी।
उसी फर्जी सिम से 26 सितंबर को व्यापारी एलडी मित्तल को कॉल कर लॉरेंस विश्नोई गैंग की तरफ से 1 करोड़ की मांग की गई। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की भी धमकी दी गई। इसके बाद व्यापारी के दामाद शुभम को भी धमकी भरे मैसेज किए गए। मांग नहीं मानने पर 8 नवंबर को शुभम पर बैंक कलौनी रोड पर दो व्यक्तियों ने फायरिंग की थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी मोहनलाल राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टर से जुड़ा है। उन गैंगस्टर को कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाता रहा है। वह खुद केवल 10वीं पास है। इसके साथ मोहनलाल बीकानेर मे सोपू नाम के छात्र संगठन का अध्यक्ष भी बना हुआ है। सोपू संगठन कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का माना जाता है।
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