भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर ने रविवार को फलोदी में टिडडी मंडल कार्यालय के एक पूर्व अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आवश्यक कार्यवाही के बाद टीम अधिकारी को पूछताछ के लिए अपने साथ जोधपुर ले गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर ग्रामीण के एडीशनल एसपी भोपालसिंह लखावत ने बताया कि दोपहर में यहां राइका बाग क्षेत्र स्थित एक होटल में टिडडी मंडल कार्यालय के एक अधिकारी पवन कुमार राजपूत चौहान को 27 हजार रुप रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
लखावत ने बताया कि गांव पीलवा रावतनगर तहसील फलोदी के अजयपाल सिंह ने 27 अक्टूबर को शिकायत की थी कि उसके भाई की कैम्पर गाडी टिडडी मंडल कार्यालय में टिडडी नियंत्रण के लिए रसायन छिड़काव कार्य में लगाई गई थी। कैम्पर गाडी मंडल कार्यालय में 17 जून 2020 से 30 सितंबर तक चली। वाहन का कॉन्ट्रेक्ट प्रतिदिन 11 सौ रुपए और डीजल खर्च के हिसाब से था। वाहन का बकाया बिल पारित करने की एवज में टिडडी मंडल कार्यालय फलोदी का वनस्पति संरक्षण अधिकारी पवन कुमार 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है।
इस पर 31 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन करवाने के दौरान पवन कुमार 27 हजार रुपए रिश्वत लेकर बिल पास करने पर तैयार हो गया। इसके बाद ब्यूरो ने अपना जाल बिछाया और रिश्वत राशि देने के लिए रविवार दोपहर में अजयपाल सिंह होटल चैतन्य पैलेस पहुंचा जहां पवन कुमार 4 नंबर रूम में ठहरा हुआ था। पवन कुमार कल रात करीब आठ बजे होटल पहुंचा था और कमरा किराए पर लिया था। पवन कुमार ने 27 हजार रुपए लेकर 25 हजार कमरे में रखी ड्रेसिंग टेबल की ऊपरी दराज में रखे और दरियादिली दिखाते हुए दो हजार रुपए परिवादी को वापस कर दिए।
संकेत मिलते ही एडीशनल एसपी भोपालसिंह लखावत के नेतृत्व में टीम ने कमरे में छापा मारा और दराज से रिश्वत की राशि बरामद की। पवन के हाथ धुलवाए तो रंग उतर आया जिस पर उसे गिरफ्तार किया गया। ब्यूरो की टीम में भोपालसिंह लखावत के साथ अमराराम खोखर निरीक्षक पुलिस, मोहन नायक रीडर, कांस्टेबल रामकुमार सिंह छापला, ओमप्रकाश पालीवाल, अमरसिंह, रामकिशोर डाबोला, ताराचंद तंवर, खमाराम, लालाराम चौधरी शामिल थे।
दो वर्ष तक फलोदी में रहे अधिकारी
पवन कुमार करीब दो वर्ष तक टिडडी मंडल कार्यालय फलोदी में वनस्पति संरक्षण अधिकारी पद पर नियुक्त रहे। इस वर्ष जून से अगस्त तक टिडडी का भयंकर प्रकोप रहा। उस दौरान टिडडी नियंत्रण के लिए प्राइवेट गाडियां भी किराए पर ली गई थी। संभवत 6-7 गाड़ियां विभाग ने किराए पर ली थी। उसी में एक गाड़ी परिवादी अजयपालसिंह के भाई की थी। गाड़ी के किराए भुगतान की एवज में पवन कुमार रिश्वत मांग रहा था।
इस बीच जुलाई-अगस्त में पवन कुमार का अमृतसर पंजाब स्थानांतरण हो गया था लेकिन वे रिलीव 27 अक्टूबर को ही हुए। वह कल रात को ही चैतन्य होटल पहुंचे थे और कमरा किराए पर लिया था। ब्यूरो यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि पवन कुमार ने अन्य गाड़ियों के किराए का भुगतान करवा दिया या बाकी है। एक गाड़ी वाले से ही रुपए लेने होटल में रुका था या अन्य किसी गाड़ी वाले को भी बुला रखा था
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