अजमेर जिले में काेविड संक्रमित मरीजों की संख्या बुधवार काे साढ़े 16 हजार के आंकड़े काे पार कर गई। देर शाम तक जिले में 237 नए काेराेना संक्रमित मरीज सामने आए। इन संक्रमित मरीजाें के साथ ही अजमेर जिले में काेविड मरीजाें के मामले 16 हजार 697 हो गई है। जेएलएन अस्पताल में भर्ती एक काेराेना संक्रमित की बुधवार सुबह उपचार के दाैरान माैत हाे गई।
इसके साथ ही जिले में काेराेना से मरने वाले मरीजाें का आंकड़ा 372 तक पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि कोरोनाकाल का दूसरा चरण शुरू होने के साथ ही जिले में भी संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शहर में अब केवल जेएलएन अस्पताल में ही कोविड जांच की जा रही है। डिस्पेंसरी में ये जांच गुरुवार से होगी।
आंकड़ाें की जुबानी
जेएलएन में कुल 232 काेराेना के मरीज भर्तीं।
काेविड वार्ड में 115 पॉजिटिव मरीज भर्ती।
117 सस्पेक्ट मरीज वार्ड में भर्ती हैं।
काेविड वार्ड में 152 पुरुष व 79 महिलाएं भर्ती।
यहां ऑक्सीजन पर 145, वेंटीलेटर पर 3, बाईपेप पर 30, एन आरबीएम पर 35 मरीज हैं।
संक्रमितों के लिए 339 पलंग आरक्षित, 107 रिक्त।
लापरवाही... आयकर अधिकारी का घर अजमेर में, जांच रिपोर्ट में गलती से पता ब्यावर का लिख दिया
अजमेर | काेविड-19 के मामले में संक्रमितों के प्रति चिकित्सा विभाग कितना अलर्ट है, इसकी बानगी बुधवार काे देखने काे मिली। शहर के एक आयकर अधिकारी ने मंगलवार काे रोडवेज बसस्टैंड पर सैंपलिंग करवाई। सैंपलिंग की रिपोर्ट बुधवार तड़के मोबाइल पर आए मैसेज से मिली कि वह काेराेना संक्रमित हैं। सुबह से काेराेना संक्रमित रिपोर्ट की सूचना के बाद वह सहम गए। पूरा दिन वह परेशान रहे। दोपहर तक किसी ने संपर्क तक नहीं किया कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव अाई है ताे उनके परिवार में काैन-काैन है। देर शाम एक फाेन आया कि वह पॉजिटिव हैं ताे परिवार से अलग रहें, लेकिन दवा देने के लिए काेई नहीं अाया। आखिर आयकर विभाग के अधिकारी ने दैनिक भास्कर से संपर्क किया। भास्कर ने इस मामले की जानकारी सीएमएचओ कार्यालय दी। वहां से एक टीम ने उनसे संपर्क कर समस्या का समाधान किया।
जेएलएन अस्पताल : सुबह दस बजे भर्ती हुए मरीज की रात तक नहीं हाे रही है जांच
जेएलएन अस्पताल के काेविड-19 सस्पेक्ट वार्ड में सुबह दस बजे भर्ती हाेने वाले मरीज रात अाठ बजे तक जांच हाेने का इंतजार करते रहते हैं। जांच समय पर नहीं हाेने के कारण चिकित्सक बिना रिपोर्ट के उपचार भी शुरू नहीं कर पा रहे। बुधवार काे एक परिवार ने विरोध दर्ज कराया ताे पता चला कि किसी के पास नंबर नहीं है। लैब टेक्नीशियन अपने स्तर पर ही पता करते हैं कि कितने मरीज जांच के लिए आए हुए हैं। ज्ञान विहार निवासी एक पीड़ित परिवार ने बताया कि सुबह दस बजे उनकी माताजी काे बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में दिखाया गया ताे उन्हें चिकित्सकों ने काेविड वार्ड में भर्ती करके ऑक्सीजन लगा दिया। सुबह से केवल ऑक्सीजन चल रही है। दवा शुरू नहीं की गई। काेविड जांच के बारे में पूछा ताे कहा कि लैब टेक्नीशियन अाकर जांच करके जाएगा। पहले चार बजे के लिए कहा लेकिन शाम छह बजे तक काेई नहीं आया।
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