इस साल अक्टूबर में एसीबी ने किए सबसे ज्यादा ट्रेप, टाेल फ्री नंबर 1064 पर रिश्वत मांगने की सूचना दीजिए, एसीबी अफसर खुद कर रहे संपर्क
भ्रष्टाचारियाें पर अंकुश लगाने के लिए एसीबी की ओर से जारी किए टाेल फ्री नंबर 1064 ने भ्रष्ट अधिकारियाें पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस टाेल फ्री नंबर पर आए काॅल काे एसीबी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी रिसिव कर रहे हैं। रिश्वत मांगने की सूचना मिलने पर एसीबी काे लगता है कि परिवादी दूर दराज का है और एसीबी आफिस आने की स्थिति में नहीं है ताे एसीबी के अधिकारी खुद परिवादी के पास पहुंच कर रिश्वत का सत्यापन कर रहे हैं।
एसीबी की ओर से टाेल फ्री नंबर जारी हाेने के बाद भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियाें कर्मचारियाें पर ट्रेप कारवाई बढ़ गई। 22 नवंबर तक एसीबी की कारवाई का आंकलन करें ताे एसीबी ने औसतन हर दिन एक नए भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी पर कारवाई की।
एसीबी ने हर दिन औसतन एक भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी पर की कारवाई
एसीबी के अफसरों ने दीपावली से ठीक एक दिन पहले यानी 13 नवंबर काे नगर पालिका चिड़ावा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)अनिल कुमार चाैधरी काे तीन लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में परिवादी ने एसीबी अफसरों से शिकायत की थी। मगर बातचीत में एसीबी अधिकारियाें काे लगा की परिवादी जयपुर आने की स्थिति में नहीं है।
इसके चलते एसीबी के एएसपी काे सूचना मिलने के तत्काल बाद चिडावा के लिए रवाना कर दिया गया। एएसपी परिवादी के घर पहुंच कर सारी बात सुनकर माैके से ही सत्यापन किया। सत्यापन में मामला सही निकला ताे एसीबी ने सीईओ को रिश्वत के मामले में ट्रेप कर लिया।
भरतपुर में अपने ही इंस्पेक्टर के पास पहुंच गई एसीबी
भरतपुर मे तत्कालीन डीआईजी लक्ष्मण गाैड़ का दलाल बनकर रिश्वत लेने वाले प्रमाेद शर्मा के खिलाफ पुलिस के ही एक इंस्पेक्टर ने शिकायत की थी। जिस पर जयपुर से एसीबी की टीम सीधे इंस्पेक्टर के पास पहुंच गई और सारी जानकारी ली। इसके बाद ट्रेप का सारा ताना बाना बुना और जयपुर में दलाल काे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
31 अक्टूबर तक 226 मामले एसीबी के अफसरों ने ट्रेप किए
एक जनवरी से 31 अक्टूबर तक एसीबी ने 226 ट्रेप किए। 52 राजपत्रित अधिकारियाें काे रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अगस्त और अक्टूबर में ज्यादा कारवाई हुई। पद दुरूपयाेग के 21 मामले दर्ज किए। 31 अक्टूबर तक एसीबी ने 253 मामले दर्ज किए। यानी की हर दिन एसीबी ने एक नया केस बनाया। गत वर्ष एसीबी ने 229 कर्मचारियाें काे ट्रेप किया था।
^एसीबी एडीजी एमएम दिनेश का कहना है काेराेना काल में आफिस नहीं खुलने से रिश्वत मांगने की ज्यादा शिकायतें नहीं आई। आफिस खुलते ही ट्रेप की कारवाईयां बढ़ीं। अगस्त और अक्टूबर में हर दिन औसतन दाे ट्रेप कारवाई की। टाेल फ्री नंबर पर जाे सूचना मिलती है उसका सत्यापन करते हैं। पर हमारी टीम परिवादी के पास पहुंच जाती है। कई बडे़ ट्रेप हमने ऐसे ही किए हैं जिसमें परिवादी ने केवल सूचना दी।
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