एंबुलेंस की देरी से मौत के मामले में सात दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, पांच घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिलने से महिला को इलाज नहीं मिला

एंबुलेंस में देरी के कारण कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के मामले में परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक सप्ताह बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजन सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे और बताया कि बीडीके अस्पताल से महिला को जयपुर रैफर किया गया था, लेकिन पांच घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिलने से महिला को ले जाने में देरी हुई और इसके बाद जयपुर में भी उसे समय पर इलाज नहीं मिला।

जिसके कारण उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सुलताना निवासी मूलचंद दर्जी ने कलेक्टर उमरदीन खान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि उसकी पत्नी गायत्री देवी की तबीयत खराब होने पर उसे 3 अक्टूबर को बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 4 अक्टूबर को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 6 अक्टूबर को उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर्स ने उसे जयपुर रैफर कर दिया। तब तीन घंटे बाद एंबुलेंस आई थी।

बड़ा सवाल : 7 दिन बीते, कार्रवाई क्यों नहीं
इस पूरे मामले में सात दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि पीएमओ व डिप्टी सीएमचओ से जांच करवाई जा चुकी है। इनकी रिपोर्ट को कलेक्टर ने खारिज कर दिया और सीईओ को जांच सौंपी, लेकिन सात दिन बीतने के बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।



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No action even after seven days in case of delayed death of ambulance


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