शहरवासियों के लिए यह अच्छी खबर है। शहर के अमरसिंह राठौड़ की छतरियां स्थित मॉडल ऐतिहासिक झड़ा तालाब में लोगों को दिसंबर महीने से बोटिंग की भी सुविधा मिलने वाली है। लगभग 5 साल के इंतजार के बाद वह वक्त आ रहा है, जब इस तालाब में घूमने आने वाले लोगों को बोटिंग (नाव) का भी आनंद मिलेगा। साथ ही तालाब में सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किया जाएगा। नगर परिषद ने बोटिंग शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है।
हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने को लेकर प्रशासन और नगर परिषद की तरफ से तालाब में नाव चलाने को लेकर टेंडर प्रकिया भी जारी कर दी है। बोटिंग संचालन के लिए सीढ़ियां पूर्व से बनी है और प्लेटफॉर्म बनेगा। दरअसल, तत्कालीन कलक्टर राजन विशाल ने झड़ा तालाब को पर्यटक केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए तालाब एवं कैचमेंट एरिया का ले-आउट प्लान तैयार करवाया था। 2015 में आर्किटेक्ट से नक्शे तैयार करवाए थे।
तालाब को संवारने के बाद मॉडल के तौर पर विकसित किया गया है। अब तालाब में बोटिंग की सुविधा शुरू करने को लेकर नगर परिषद की तरफ से ठेके पर नौका के संचालन काे लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। 10 व 11 नवंबर को ठेका खुली बोली नीलामी से किया जाएगा।
पर्यटक का केंद्र इसलिए...
झड़ा तालाब क्षेत्र अब पर्यटक स्थल बन चुका है। यहां की वीर वीर अमरसिंह राठौड़ की छतरियां, पास में बने पैनोरमा, सिटी पार्क, प्राचीन बावड़ी, मंदिर आकर्षण का केंद्र है। पुरातत्व विभाग द्वारा छतरियों का जीर्णोद्धार भी करवाया जा चुका है।
आयुक्त जोधाराम बिश्नोई ने बताया कि झड़ा तालाब में कम से कम 3 से 4 बोटिंग शुरूआती तौर पर चलाई जाएगी। जो ठेके पर संचालित होगी। इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। नवंबर के अंत व दिसंबर के शुरूआत में तालाब में चार से पांच सीटर वाले बोटिंग का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
प्रति व्यक्ति कम से कम 10 रुपए शुल्क निर्धारित करेंगे। एक परिवार के लोग एक साथ एक बोट पर सवार होकर आनंद ले सके। एक दिन में कम से कम 100 से अधिक लोग बोटिंग में सफर कर सकेंगे। इसके लिए टाइम लिमिट रहेगा। ताकि लगातार आने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सके।
1 करोड़ रुपए से तालाब के घाटों का पुनिर्माण हुआ
साफ पानी : तालाब में भरेंगे नहरी पानी
झड़ा तालाब में बोटिंग के संचालन को लेकर नगर परिषद की तरफ से साफ-सफाई की जा रही है। गंदा पानी व कचरा बाहर निकाला जा रहा है। तालाब में नहरी पानी डाला जाएगा। इसके लिए कार्य प्रगति पर है। हालांकि तालाब में मछलियों को बचाने के लिए पहले का कुछ पानी रखा जाएगा। योजना के तहत पार्क पर 1 करोड़ 11 लाख रुपए खर्च किए है। जिसमें ढाई हजार वर्ग मीटर में ग्रीनरी लगी है।
बदलाव : एक करोड़ से घाटों का बदला लुक
अमरसिंह राठौड़ की छतरियों की पास झड़ा तालाब किनारे जोधपुर के पत्थर से रेलिंग का निर्माण किया गया है। साथ ही पुरातत्व विभाग की तरफ से एक करोड़ रुपए से तालाब के घाटों का पुनर्निर्माण करवाया गया है। जिससे झड़ा तालाब का लुक बदल चुका है। जोधपुर के पत्थर से भी इस स्थान का अपना लुक अलग ही आएगी। जानकारी है कि जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।
आकर्षण : सिटी पार्क, ओपन जिम की भी सुविधा
तालाब के सामने अमृत सिटी योजना के तहत 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में पार्क विकसित किया जा चुका है। सैर के लिए आने वाले लोगों के लिए बकायदा ट्रैक बना है और बैठने के लिए बैंच भी लगी है। सिटी पार्क में बच्चों के खेलने अनेक प्रकार के झूले और युवाओं के लिए ओपन जिम जैसी बेहतर सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में यहां अब सुबह और शाम को बड़ी संख्या में शहरवासी भ्रमण के लिए पहुंच रहे है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
टिप्पणियाँ