जिला अस्पताल के कोविड सेंटर के पास कचरा पॉइंट, मरीजों का धुएं से घुट रहा दम

जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कोविड मरीजों पर भारी पड़ रही है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को जहां पहले से श्वास में दिक्कत रहती है, वहां अब कचरा पॉइंट से दिनभर उठ रहे धुएं से मरीजों का दम घुट रहा है। दरअसल जिला अस्पताल के आईसीयू और उसके सामने वाले नीचे के दो वार्ड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित कर रखे है।

यहां पीएमओ बाड़मेर के अधीन संक्रमित आने वाले मरीजों को जिला अस्पातल के इस कोविड वार्ड में भर्ती किया जाता है। इतना ही नहीं गंभीर मरीजों को आईसीयू में रखा जा रहा है। कोविड वार्ड में 53 मरीज भर्ती है, लेकिन इससे महज 20 फीट की दूरी पर अस्पताल का बायोवेस्ट जलाया जा रहा है, इससे दिनभर उठ रहे धुएं के गुब्बार से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

इसे जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही कहे या फिर अनदेखी, लेकिन कोविड वार्ड के पास बायोवेस्ट जलाने घटना कई सवाल खड़े रहे है। लापरवाही की हद तो तब हो गई चारों तरफ अस्पताल की बिल्डिंग और उसके बीच खली बची जगह पर बायोवेस्ट और कचरे को जलाया जा रहा है।

आईसीयू और कोविड वार्ड में रोक-टोक नहीं

जिला अस्पताल के आईसीयू और कोविड वार्ड में वैसे तो कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती है, लेकिन वहां आने जाने को रोकने वाला कोई नहीं है। हालांकि एक गार्ड आईसीयू वार्ड के बाहर लगा है, लेकिन वो कहता है कि उसके कहना कोई नहीं मान रहा है। आईसीयू में भी परिजन घर से पंखा, खाना लेकर मरीज के पास बैठे नजर आए।

कोविड वार्ड में मरीज खुद भी गैलेरी में इधर-उधर घूम रहे थे। हाल ये है कि कोविड पॉजिटिव मरीज भी चाहे तो बाहर घूम कर वापस आ सकता है। कोई मोबाइल चार्जिंग पर लगा कर बैठा है तो कोई वहां खड़े हुए पॉजिटिव मरीज के बाते कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर न तो पीपीई किट है और न ही सेनेटाइजरऔर अन्य कोई साधन है।



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जिला अस्पताल के कोविड वार्ड के पास जलाए जा रहे कचरे से उठ रहा धुआं।


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