ऑल इंडिया कांउसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने हाल में एक और रिवाइज्ड कैलेंडर जारी किया है। इसमें बताया गया है कि यूजी की एडमिशन प्रक्रिया को 30 नवंबर तक समाप्त करके एक दिसंबर से सेशन शुरू करना है। अब ऐसे में ऑड सेेमेस्टर की परीक्षाओं पर संकट खड़ा हो गया है। एक दिसंबर से जहां एआईसीटीई सेशन शुरू करने को कह रहा है, इस अवधि तक तो फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं और अन्य ऑड सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर तक ही हो जाती हैं।
अब फर्स्ट ईयर की परीक्षा अगर निर्धारित छह माह के बाद होती है तो भी उनका एग्जाम मई-जून तक हो पाएगा। ऐसे में इंजीनियरिंग की जो डिग्री चार साल में होती है, उसकी अवधि भी करीब साढ़े चार साल की हो जाएगी। आरटीयू के एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर विंटर ब्रेक और समर ब्रेक को कम कर दिया जाए तो ही डिग्री समय पर पूरी हो पाएगी। हालांकि अभी राज्य सरकार से एकेडमिक सेशन शुरू करने यूजीसी से सिलेबस को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। सिलेबस में कमी करना एक दूसरा रास्ता हो सकता है।
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