किसान भ्रमण व संगोष्ठी का हुआ आयोजन

ग्रामीण विकास विज्ञान समिति (ग्राविस) उप केंद्र जैसलमेर के तहत परियोजना बायोवरसिटी इंटरनेशनल के सहयोग से तकनीकी सहयोग काजरी कृषि विश्व विद्यालय जोधपुर के संयुक्त प्रयासो से खरीफ फसल प्रदर्शन में किसानो द्वारा खेतो में जाकर फिल्ड भ्रमण किया गया। जिसमें फसल ट्रायल मूंग, मोठ, बाजरा, तिल आदि किस्मों का किया प्रयोग देखा गया।


केंद्र समन्वयक भूराराम पंवार ने बताया कि गांव दामोदरा, डेढा व दिधू, आसकंद्रा कार्यक्रम के चयनित गांवों में देशी उन्नत परंपरागत बीजो का बढावा देने के लिए यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज के समय में ग्राम स्तर पर देशी पुराना बीज मिलना मुश्किल हो गया है। 15-20 वर्ष पूर्व किसान अपने घर में बीज उपचार कर मिट्‌टी के कोठीयों व मटकों में रखने की एक परंपरा रही है। जो आज के दौर में बीज संरक्षण की बाते लुप्त होती जा रही है।


उन्होंने बताया कि देशी उन्नत किस्म के बीज व प्रजातियों व गांवों में नहीं मिलने पर बरसात के समय किसान शहरों में आकर हाईब्रेड व महंगे दामों में बीज खरीदने के मजबुर हो गए है। इस अवसर पर पर्यवेक्षक हुकमरान ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत ग्राम स्तर पर देशी उन्नत बीज बैंक स्थापित किया जाएगा। जिसमें किसान रावतसिंह, पूंजाराम, गोपाल, रामुराम, जमना कंवर आदि किसानों ने देशी बीज फसल देखकर बढावा देने पर खुशी जाहिर की है।



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