प्रदेश महामंत्री व सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि पिछले 6 माह से प्रदेश कोरोना से त्रस्त है। शेष बचे 15 माह में से छुट्टियों, त्यौहारों और आचार संहिता के दिन निकाल दें तो लगभग 12 माह ही बचते हैं। मतलब हर डेढ़ दिन में सरकार ने एक वादा पूरा कर दिया। राजस्थान सरकार प्रदेश की आम जनता को दिन में सपने दिखाना बंद करे।
उन्हाेंने कहा कि राज्य में न तो किसानों के कर्जे माफ हुए और न ही जनता के काम लेकिन यह जरूर हुआ कि बिजली के बिलों में भारी बढ़ोतरी की गई, गौशालाओं के अनुदान पर रोक लगा दी गई। और जब-जब सरकार पर खतरा मंडराया कोरोना के बहाने सीमाएं सील कर दी गई।
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