सूदखोरी गिरोह में जयपुर में तैनात कांस्टेबल शामिल, पुलिस जांच करती रही और आरोपी हो गए फरार

जोबनेर थानेदार के पिता को सूदखोरी के चंगुल में फंसाने वाले लोग रसूख के साथ ब्याज पर पैसा देने का गिरोह चला रहे थे। गिरोह में जयपुर में तैनात पुलिस कांस्टेबल विजय भी शामिल है। वह प्रकरण के मुख्य आरोपी बंशीधर का भतीजा है। वहीं मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। क्योंकि पुलिस प्रकरण की जांच का दावा करती रही और आरोपी फरार हो गए। अब पुलिस उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।

इधर, पड़ताल में सामने आया कि सूदखोरों को पैसा चुकाने के लिए सुखदेव दूसरे कई लोगों का कर्जदार हो गया था। उसने एयू फाइनेंस से प्रोपर्टी पर 31 लाख रुपए लोन के अलावा कई लोगों से पैसा उधार ले रखा था। खंडेला थानाधिकारी महेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि जाेबनेर थानाधिकारी हितेश कुमार द्वारा अपने पिता सुखदेव शर्मा की माैत के मामले में दी गई एफआईआर में बंधीधर मंगावा, जैसाराम व विजय नामजद आरोपी है।

विजय पुलिस कांस्टेबल है। जो फिलहाल जयपुर में तैनात है। उसकी तलाश में पुलिस जयपुर में दबिश दे रही है। मामले में मुख्य आराेपी बंशीधर मुकदमा दर्ज हाेने की रात से ही गायब है। पुलिस तीन बार उसके घर पर दबिश दे चुकी है।

सुखदेव के साथ 7 साल काम कर चुका है मुख्य आरोपी बंशीधर

आरोपी बंशीधर 2014 तक सात साल सुखदेव के साथ श्रीमाधोपुर मंडी में आड़त का काम कर चुका है। 2014 में वह अलग होकर नई मंडी में एक अन्य व्यापारी के यहां कमीशन पर काम करने लगा। आरोपी के द्वारा सुखदेव को 15 दिनों के लिए 50 हजार रूपए कर्जा देने की बात भी सामने आई है। बंशीधर ने ब्याज के 10 हजार काटकर 40 हजार रुपए दिए थे। इसके अलावा सुखदेव ने कई लोगों से कर्ज ले रखा था।

चोट लगने पर पत्नी को जयपुर छोड़ा और खुद श्रीमाधोपुर रहने लगे सुखदेव

23 दिन पहले पार्टनरशिप में दुकान खोलने के बाद सुखदेव पत्नी के साथ होद गांव रहने लगे। पांच दिन बाद ही पत्नी के हाथ में चोट लगने पर उसे जयपुर भेज दिया। खुद पार्टनरों के साथ श्रीमाधोपुर बाइपास पर किराए के मकान में रहने लगे थे। वह कई दिनों बाद घटना वाले दिन ही होद गांव आए थे।

मामले की जांच जांच खंडेला एसएचओ काे साैंप रखी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। तफ्तीश में काेई नई जानकारी सामने आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
रतनलाल भार्गव, एएसपी नीमकाथाना



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In the usury gang, the constable posted in Jaipur, the police continued to investigate and the accused absconded


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