पार्षदों ने आवारा कुत्तों के कारण हाे रही परेशानी बताई, आयुक्त ने निस्तारण का आश्वासन दिया

शहर में आवारा कुत्ताें काआअातंक दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। पार्षदाें ने 20 अक्टूबर काे नगरपरिषद काे ज्ञापन देकर कुत्ताें काे पकड़कर अन्यत्र भिजवाने व नसबंदी करवाने की मांग का ज्ञापन दिया था। लेकिन इसके बाद काेई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज पार्षदाें ने एडीएम सिटी काे पहले उक्त परेशानी से अवगत कराया। इसके बाद नगरपरिषद पहुंचे।

पार्षद कमल नारंग, प्रियंक भाटी, विजेंद्र स्वामी, हेमंत पाहूजा सहित अन्य का कहना है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक दिवसीय सांकेतिक धरना लगाना था, लेकिन अायुक्त ने वार्ता के दाैरान कहा कि थाेड़ा समय दें, जल्द ही कुत्ताें से हाेने वाली परेशानी का समाधान निकाल लिया जाएगा। पार्षद कमल नारंग का कहना है कि इस संबंध में अायुक्त ने यह भी कहा कि डीएलबी से 96 लाख रुपए के बजट की स्वीकृति मांगी गई है ताकि कुत्ताें की नसबंदी करवाई जा सके। पार्षदाें का कहना है कि 7 दिन में परिषद काेई कार्रवाई नहीं करती है ताे धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

राेचक यह, आयुक्त को सांसद मेनका गांधी ने फाेन कर कुत्ताें काे पकड़ने का कारण पूछा था

पार्षदाें की मांग के संबंध में अायुक्त से पूछा गया ताे उन्हाेंने जानकारी दी कि उनके पास सांसद मेनका गांधी का फाेन आया था। उनकाे किसी ने यह जानकारी दी थी कि नगरपरिषद कुत्ताें काे पकड़कर बाहर कहीं छाेड़ रही है। इस पर गांधी काे बता दिया गया कि नगरपरिषद किसी कुत्ते काे नहीं पकड़ रही है। आयुक्त ने कुत्ताें की नसबंदी के संबंध में डीएलबी से 96 लाख रुपए की स्वीकृति पर जवाब भेजा कि ऐसा कुछ नहीं है। इस पर पार्षदाें का कहना है कि कुछ दिनाें पूर्व नगरपरिषद ने ही समाचार पत्राें के माध्यम से इस बाबत जानकारी प्रकाशित करवाई थी।



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Councilors told the problem caused by stray dogs, the commissioner assured disposal


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