अष्टमी औ र नवमी साथ मनाई, मंदिरों में नहीं भरे मेले, जिले में कई जगह आज भी होगी नवमी की ज्योत, गांगियासर में शतचंडी पाठ का समापन
दैवीय मंदिरों में उदयतिथि के अनुसार दुर्गा अष्टमी शनिवार को मनाई गई तो कुछ मंदिरों में महानवमी के आयोजन हुए। हालांकि उदयतिथि के हिसाब से नवमी की ज्योत व कन्या पूजन रविवार को भी होंगे। पहाड़ी स्थित मंशा माता मंदिर में पंडित दिलीप पांडे के सानिध्य में अल सुबह अष्टमी की ज्योत लेकर पूजा व आरती हुई। कोरोना संक्रमण गाइड लाइन की पालना करते हुए सोशल डिस्टेंस के साथ भक्तों ने मैय्या के दर्शन किए। नरेंद्र पांडे ने बताया कि दोपहर बाद मैय्या के दरबार में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई।
शाम को आरती के बाद रात को स्थानीय कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण व सरकार की गाइड लाइन की पालना करते हुए इस बार न तो ध्वज पदयात्रा निकाली गई और न ही मंदिर में मेला भरा। इधर, बादलगढ़ स्थित दुर्गा मंदिर में पंडित गोविंदराम शर्मा के सानिध्य में ज्योत लेकर भक्तों ने मैय्या की पूजा व आरती की। रात को स्थानीय कलाकारों ने मंदिर परिसर में भजनों की प्रस्तुति दी। रोडवेज बस स्टैंड स्थित दुर्गा मंदिर में भी अष्टमी की पूजा व आरती हुई। इस दौरान मंदिर परिसर की सजावट की गई।
हवन के साथ हुआ शतचंडी पाठ का समापन : बिसाऊ | गांगियासर स्थित रायमाता मंदिर में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर भक्तों ने कोरोना गाइड लाइन की पालना करते हुए धोक लगाई। महंत दशमगिरी व मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष लादूराम बड़सर ने बताया कि कोरोना के कारण इस बार मेले का आयोजन नहीं किया गया।
माता के दर्शन करने वालों को मंदिर में प्रवेश से पहले कार्यकर्ताओं ने सेनेटाइजर से हाथ धुलवाए व मुंह पर मास्क लगाने के लिए जागरुक किया। इधर, रायमाता पब्लिक सेवा ट्रस्ट मुंबई की ओर से चल
रहा शतचंडी पाठ हवन के साथ संपन्न हो गया। चूरू के धर्मसंघ संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य पंडित शंकर पांडे के आचार्यत्व में मुंबई प्रवासी महनसर निवासी मुरारी लाल तिवाड़ी ने हवन करवाया। मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों के लिए तिवाड़ी परिवार व ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में भंडारा चलाया जा रहा है।
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